नई दिल्ली: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से उनकी मांगों का समर्थन किया. पार्टी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की, साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग दोहराई.
वेणुगोपाल ने X पर लिखा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पिछले डेढ़ महीने से यही मांग कर रही है. खासकर परीक्षा व्यवस्था के पूरी तरह से टूट जाने और मोदी सरकार में जवाबदेही की कमी को लेकर वांगचुक जी जो दर्द और गुस्सा महसूस कर रहे हैं, उसमें हम भी उनके साथ हैं.”
उन्होंने आगे लिखा, “उनकी सेहत को देखते हुए हम वांगचुक जी से अपील करते हैं कि वे अपना अनशन खत्म करें. उनकी चिंताएं हमारी भी चिंताएं हैं और दूसरे विपक्षी दलों की भी. भरोसा रखिए, हम मोदी सरकार का विरोध जारी रखेंगे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते रहेंगे.”
हालांकि, वेणुगोपाल ने अपनी X पोस्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जिक्र नहीं किया. इसी पार्टी ने जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन शुरू किया था. बाद में सोनम वांगचुक इस आंदोलन से जुड़े और पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
गुरुवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे.
कांग्रेस के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि पार्टी अब भी इस आंदोलन को लेकर सतर्क है. उसका मानना है कि यह आंदोलन धीरे-धीरे वामपंथी संगठनों के प्रभाव में आ रहा है. कांग्रेस को यह भी डर है कि आगे चलकर यह आंदोलन “AAP 2.0” की तरह एक नई राजनीतिक ताकत बन सकता है, जो उसके अपने समर्थन आधार को नुकसान पहुंचा सकता है.
वेणुगोपाल का बयान कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के उस जवाब के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस ने अब तक वांगचुक के आंदोलन को औपचारिक समर्थन क्यों नहीं दिया.
जयराम रमेश ने कहा, “हम लगातार सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस करीब दो महीने से यह मुद्दा उठा रही है.
पिछले तीन हफ्तों में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (UBT), तृणमूल कांग्रेस (TMC), CPI, CPI(ML)-लिबरेशन और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) जैसे दल इस आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं. DMK के नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे हैं. वहीं वामपंथी दलों, AAP, SP और TMC के प्रतिनिधिमंडल भी जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शनकारियों से मिले.
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर भी वांगचुक को पत्र लिख चुके हैं. उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर वांगचुक की चिंताओं का समर्थन किया था, उनसे अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की थी और भरोसा दिलाया था कि उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
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