scorecardresearch
Monday, 20 July, 2026
होमराजनीतिCJP और मोदी सरकार के मंत्री के बीच पहली मुलाकात, जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया

CJP और मोदी सरकार के मंत्री के बीच पहली मुलाकात, जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया

नड्डा से मुलाक़ात के बाद, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

Text Size:

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और NEET-UG पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार धरना शुरू किए एक महीने बाद, सोमवार को पहली बार उसके प्रतिनिधियों और नरेंद्र मोदी सरकार के बीच बैठक हुई.

CJP के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर मुलाकात हुई. नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने की अपील की.

एक महीने से चल रहे प्रदर्शन को सरकार की तरफ से पहली बार स्वीकार किए जाने के तौर पर देखा जा रहा है. उसी दिन हजारों समर्थक दिल्ली पहुंचे और अपनी आवाज सुने जाने की मांग कर रहे थे. नड्डा ने कहा, “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की तरफ से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11.50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है.”

केंद्रीय मंत्री ने X पर पोस्ट कर बताया कि यह बैठक “सौहार्दपूर्ण माहौल” में हुई.

उन्होंने लिखा, “पहले हमने उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से मौखिक बातचीत की. इसके बाद उन्होंने करीब शाम 4 बजे मुझे लिखित ज्ञापन सौंपा. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने की अपील की.”

इससे पहले दिन में बैठक के बाद CJP ने अपनी मांगें दोहराईं. इनमें देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने यह भी कहा कि नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

दास ने दिन में पहले X पर लिखा था, “मंत्री ने हमें यह भी भरोसा दिया है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी.”

हालांकि, इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अस्थायी टेंट और वह मंच हटा दिया, जहां पहले सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके बैठे थे.

जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, CJP ने कैबिनेट मंत्री से बातचीत की मांग की थी और उन मंत्रियों की एक सूची भी दी थी जिनसे वह मिलना चाहता था.

सोमवार सुबह हजारों CJP समर्थकों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च शुरू किया, जबकि उस समय निषेधाज्ञा लागू थी. दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी.

यह मार्च उस घटना के दो दिन बाद हुआ, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल के 19वें दिन जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था.

इस बीच, सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन भी काफी हंगामा हुआ. राज्यसभा और लोकसभा, दोनों में विपक्ष ने NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करने को लेकर सरकार पर हमला बोला.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: जेपी नड्डा ने हमारी मांगें सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया: मंत्री से मुलाकात के बाद CJP के सौरव दास


 

share & View comments