नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे से लौटने से पहले ही बीजेपी और विपक्ष, खासकर कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है.
बुधवार दोपहर रायबरेली में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने समर्थकों से बीजेपी और आरएसएस का विरोध करने की अपील की. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को “गद्दार” बताते हुए आरोप लगाया कि दोनों ने “भारत को बेचने और संविधान को कमजोर करने का काम किया है.” राहुल के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह उनकी “अराजकतावादी सोच” दिखाता है.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, “राहुल गांधी का आज का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दिखाता है. भारतीय राजनीति में शिष्टाचार और सामाजिक सौहार्द एक-दूसरे के सम्मान से जुड़ा है. लगातार चुनावी हार और उससे पैदा हुई निराशा अब उनके स्वभाव और चरित्र में दिख रही है. यही हताशा उन्हें ऐसे बयान देने के लिए मजबूर कर रही है.”
राहुल गांधी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ पीएम मोदी के वायरल “मेलोडी मोमेंट” पर भी निशाना साधा. वीडियो में पीएम मोदी उन्हें मेलोडी टॉफी का पैकेट देते नज़र आए थे. राहुल ने पीएम के नेतृत्व को “ढोंग” बताया और कहा कि देश में “आर्थिक तूफान” चल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री लापरवाह बने हुए हैं.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “देश के ऊपर आर्थिक तूफान मंडरा रहा है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफियां बांटने में व्यस्त हैं.”
उन्होंने आगे लिखा, “किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे व्यापारी सब परेशान हैं. प्रधानमंत्री हंस रहे हैं और रील बना रहे हैं, जबकि बीजेपी के लोग ताली बजा रहे हैं. यह नेतृत्व नहीं, बल्कि एक तमाशा है.”
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने राहुल गांधी के बयान का जवाब देते हुए कहा, “राहुल गांधी को भारत और भारत में बनी हर चीज़ से इतनी नफरत क्यों है? आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के जरिए भारत दुनिया का भरोसेमंद देश बना है, लेकिन कांग्रेस को हर भारतीय उपलब्धि में समस्या दिखती है.”
उन्होंने कहा, “दुनिया में जो सम्मान, निवेश और भरोसा भारत को दशकों बाद मिला है, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिला है और यही बात राहुल गांधी से बर्दाश्त नहीं हो रही.”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया पर आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला. उन्होंने लिखा, “मोदी जी चाहते हैं कि जनता भाषणों की ‘मेलोडी’ सुनते हुए उनकी सरकार की ‘लूट’ की परेशानी झेलती रहे.”
खरगे ने सरकार पर महंगाई, घटते निवेश और बढ़ती बेरोज़गारी का बोझ जनता पर डालने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र संकट में है, लेकिन मोदी जी केवल पीआर में लगे हुए हैं और जनता से इस आर्थिक तूफान का बोझ उठाने को कह रहे हैं. हर भारतीय पर औसत कर्ज 11 गुना बढ़ गया है, जबकि 229 बड़े उद्योगपतियों और 26 नए अरबपतियों की संपत्ति 97.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.”
उन्होंने आगे कहा, “12 साल में पेट्रोल टैक्स और एक्साइज ड्यूटी के जरिए जनता से 43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले गए. मार्च 2026 में बेरोजगारी 15.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो नौ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. 10 साल में 90 पेपर लीक ने करीब 9 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया. रुपया डॉलर के मुकाबले 96.90 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है.”
कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री पद की गरिमा के साथ “खेल” कर रहे हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “देश के प्रधानमंत्री आखिर यह कैसी हरकतें कर रहे हैं? मेलोनी-मेलोडी क्या चल रहा है? देश और प्रधानमंत्री पद की एक गरिमा होती है. आप 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. देश संकट में है और ऐसे समय में आपको बेहद गंभीर रहना चाहिए.”
हालांकि, शरद पवार ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरे का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठा के मामले में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए.
मंगलवार शाम एक कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा बचाने का काम कर रहे हैं. हमारे राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के सम्मान के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए.”
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी प्रधानमंत्री के पांच देशों के दौरे का बचाव किया और विपक्ष की आलोचना को “दुर्भावनापूर्ण” बताया. उन्होंने कहा कि यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और तकनीकी साझेदारी जैसे भारत के रणनीतिक हितों को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण था.
इटली प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के दौरे का आखिरी पड़ाव है. इससे पहले वह नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा कर चुके हैं.
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