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Thursday, 21 May, 2026
होमरिपोर्टबिहार में खेल विकास को मिलेगी नई रफ्तार, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा

बिहार में खेल विकास को मिलेगी नई रफ्तार, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिहार के प्रशिक्षकों को दूसरे राज्यों और राष्ट्रीय संस्थानों में भेजकर आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों और बेहतर कार्यप्रणाली का अध्ययन कराया जाए.

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पटना: बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मंगलवार को विकास भवन, पटना में खेल विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की. बैठक में नव नियुक्त खेल सचिव विनोद सिंह गुंज्याल, खेल निदेशक आरिफ अहसन और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक में खेल विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने पर जोर दिया गया. खेल मंत्री ने निर्देश दिया कि विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा हर सोमवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि योजनाओं का काम लगातार आगे बढ़ता रहे.

मंत्री ने कहा कि एकलव्य विद्यालय और खेल प्रशिक्षण केंद्र राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार हैं. उन्होंने इनके चयन प्रक्रिया, कैचमेंट एरिया और प्रशिक्षण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए. साथ ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देश के बड़े प्रशिक्षण संस्थानों और अकादमियों में भेजने को कहा.

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिहार के प्रशिक्षकों को दूसरे राज्यों और राष्ट्रीय संस्थानों में भेजकर आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों और बेहतर कार्यप्रणाली का अध्ययन कराया जाए.

बैठक में बांका के ओढ़नी डैम में प्रस्तावित वाटर स्पोर्ट्स अकादमी और जमुई में बनने वाली शूटिंग रेंज परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई. खेल मंत्री ने भवन निर्माण विभाग और संबंधित निगम को दोनों परियोजनाओं के विस्तृत मॉडल और परियोजना रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जा सके.

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में दूसरे राज्यों की आधुनिक खेल सुविधाओं और बेहतरीन मॉडल को शामिल किया जाए.

खेल मंत्री ने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल का अध्ययन कर बिहार में भी उत्कृष्ट खेल केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां पर्याप्त प्रशिक्षक, विशेषज्ञ और तकनीकी स्टाफ उपलब्ध होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों और खेल हस्तियों को बिहार से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए. खासतौर पर राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाने पर जोर दिया गया, ताकि बड़े खिलाड़ी यहां आकर प्रशिक्षण और संवाद के जरिए राज्य के खिलाड़ियों को प्रेरित कर सकें.

बैठक में खेल अवसंरचना के संचालन और रखरखाव के लिए तैयार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा हुई. मंत्री ने कहा कि जिला और प्रखंड स्तर की खेल सुविधाओं के संचालन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए स्पष्ट SOP, समयबद्ध प्रक्रिया और पात्रता मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाएगी.

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