scorecardresearch
Sunday, 20 September, 2026
होमदेश‘धुरंधर 2’ में सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दिखाने के आरोपों पर केंद्र जांच करे: दिल्ली हाई कोर्ट

‘धुरंधर 2’ में सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दिखाने के आरोपों पर केंद्र जांच करे: दिल्ली हाई कोर्ट

याचिकाकर्ता के वकील के मुताबिक, 23 मार्च 2026 को ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सीबीएफसी को एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसमें फिल्म को लेकर आपत्ति जताई गई थी.

Text Size:

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की एक कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में सैन्य और खुफिया अभियानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दिखाने के आरोपों की जांच करने को कहा है.

जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सीबीएफसी के सामने अपना पक्ष रखने को कहा. अदालत ने संबंधित अधिकारियों को याचिका में उठाई गई चिंताओं पर विचार करने का निर्देश दिया.

यह याचिका सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान दीपक कुमार ने अपने वकील जगजीत सिंह के माध्यम से दाखिल की थी. याचिका में कहा गया कि दीपक कुमार फिलहाल नई दिल्ली के आरके पुरम स्थित एसएसबी मुख्यालय में तैनात हैं.

याचिकाकर्ता के वकील के मुताबिक, 23 मार्च 2026 को ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सीबीएफसी को एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसमें फिल्म को लेकर आपत्ति जताई गई थी.

याचिका में आरोप लगाया गया कि अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म के कुछ दृश्यों में सैन्य अभियानों के तरीके, रणनीतिक प्रक्रियाएं और खुफिया गतिविधियां इस तरह दिखाई गई हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और अंडरकवर एजेंटों की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हो सकता है.

याचिका में कहा गया कि फिल्म में कुछ स्थानों और घटनाओं को वास्तविक सैन्य और खुफिया अभियानों की तरह बहुत स्पष्ट तरीके से दिखाया गया है. याचिकाकर्ता के अनुसार, इससे दुश्मन एजेंसियों को भारतीय सुरक्षा बलों के काम करने के तरीके समझने में मदद मिल सकती है.

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि भले ही फिल्म काल्पनिक हो और मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई हो, लेकिन ऐसे दृश्यों के असर को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

अदालत ने जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी इस याचिका को ही एक प्रतिनिधित्व मानें और उठाए गए मुद्दों पर उचित फैसला लें.

याचिका में “स्पाई प्रोटोकॉल फिल्मों” के लिए दिशा-निर्देश बनाने और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की भी मांग की गई थी.

share & View comments