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Sunday, 16 August, 2026
होमराजनीतिअमित शाह ने कांग्रेस से ‘स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् बीच में रोकने’ पर माफी मांगने को कहा

अमित शाह ने कांग्रेस से ‘स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् बीच में रोकने’ पर माफी मांगने को कहा

गृह मंत्री का कहना है कि पार्टी ने वंदे मातरम का अपमान किया है; उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया ने कार्यक्रम के दौरान गाना रुकवाने के लिए कहा था.

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जयपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाया और मांग की कि पार्टी लोगों से और यह गीत लिखने वाले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगे.

चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेता सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में ही रोकने के लिए कहा था.

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम को भूल गई है.

शनिवार को हुए स्वतंत्रता दिवस समारोहों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आजादी के 80 साल बाद वंदे मातरम लाल किले और उन सभी जगहों पर गाया गया जहां झंडा फहराया गया.

शाह ने कहा, “हजारों लोगों ने वंदे मातरम गाने के लिए गोलियां और लाठियां झेलीं और जेल गए.” उन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान इस क्रांतिकारी नारे के इस्तेमाल का जिक्र किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष से गीत को बीच में रोकने के लिए कहा था.

शाह ने कहा, “हम सभी ने इसे टेलीविजन पर देखा,” और कहा कि सोनिया गांधी को लोगों से और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो आपको हाथ जोड़कर बंकिम बाबू की अमर आत्मा और लोगों से माफी मांगनी चाहिए.”

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में सभा को संबोधित करते हुए शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को याद किया.

शाह ने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भारत को परमाणु शक्ति बनाने सहित वाजपेयी ने कई बड़े फैसले लिए.

उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार ने गांवों को सड़कों से जोड़ा, राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए और अपने कार्यकाल के दौरान कई योजनाएं शुरू कीं. उन्होंने आदिवासी विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाने का श्रेय भी वाजपेयी को दिया.

गृह मंत्री ने कहा कि आदिवासी कल्याण में हुई प्रगति भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के चुनाव में भी दिखाई देती है. वह एक आदिवासी परिवार से आती हैं और देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद तक पहुंची हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आदिवासी कल्याण को प्राथमिकता देना जारी रखा है.

इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शाह के नेतृत्व में देश की सीमाएं ज्यादा सुरक्षित हो रही हैं और राजस्थान को भी इसका फायदा मिल रहा है.

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य आगे बढ़ रहा है. उन्होंने वामपंथी उग्रवाद की समस्या को खत्म करने और नए आपराधिक कानून लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय शाह को दिया.


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