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Monday, 3 August, 2026
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युवा भारत की सबसे बड़ी पूंजी : राष्ट्रपति मुर्मू

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(तस्वीरों के साथ)

भुवनेश्वर/कटक, तीन अगस्त (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी पूंजी करार देते हुए सोमवार को कहा कि ऐसे नागरिक तैयार करना विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है, जो ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय हित के लिए प्रतिबद्धता से प्रेरित हों।

मुर्मू ने कटक में जगद्गुरु कृपालु महाराज विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने के बाद कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है।

उन्होंने कहा, “यह हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। इस पूंजी का बेहतरीन इस्तेमाल करने के लिए हमारे विश्वविद्यालयों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और अपने सपनों एवं आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।”

मुर्मू ने कहा कि युवाओं को मूल्य आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे नागरिक तैयार करें, जो ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय हित के लिए प्रतिबद्धता से प्रेरित हों।

उन्होंने कहा, “युवाओं को हासिल ज्ञान वास्तव में तभी सार्थक होता है, जब उसका इस्तेमाल मानवता की सेवा, समाज के कल्याण और देश की तरक्की के लिए किया जाए।”

राष्ट्रपति ने जगद्गुरु कृपालु महाराज विश्वविद्यालय के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ आदिवासी छात्रों, वंचित वर्गों और लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें।

मुर्मू ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य तय किया है, जिसे हासिल करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ज्ञान के केंद्र के तौर पर काम करने का आग्रह किया, जहां पनपने वाले विचार और प्रौद्योगिकियां समाज की जरूरतों को पूरा करने में मददगार हों।

मुर्मू ने कहा कि आधुनिक ज्ञान को अपनाते हुए छात्रों को नैतिक मूल्यों को लेकर भी प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

राष्ट्रपति सोमवार दोपहर ओडिशा के तीन-दिवसीय दौरे के तहत भुवनेश्वर पहुंचीं। बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल हरिबाबू कंभापति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।

भुवनेश्वर से मुर्मू कटक जिले के दामापाड़ा गईं, जहां उन्होंने जगद्गुरु कृपालु महाराज विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया और कहा कि शिक्षा व्यक्तित्व विकास, सामाजिक बदलाव और राष्ट्र-निर्माण की नींव है।

मुर्मू का रात में भुवनेश्वर लौटने और लोक भवन में रात्रि विश्राम करने का कार्यक्रम है। मंगलवार को वह भुवनेश्वर से गंजाम जिले के ब्रह्मपुर तक विशेष ट्रेन से यात्रा करेंगी।

एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति की रेलयात्रा के दौरान दो ट्रेन उनके विशेष कोच के साथ चलेंगी-एक आगे और दूसरी पीछे-तथा इस दौरान संबंधित ट्रैक पर किसी दूसरी ट्रेन के परिचालन की इजाजत नहीं होगी।

राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए भुवनेश्वर और ब्रह्मपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहां बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ता और यात्रियों के सामान की गहन जांच की व्यवस्था की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर करीब 15 प्लाटून पुलिस बल के अलावा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान भी तैनात किए गए हैं।

ब्रह्मपुर पहुंचने के बाद मुर्मू सनाखेमुंडी ब्लॉक में तप्तापानी गर्म जलस्रोत के पास स्थित मां कांधुनी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वह गोलाबंधा स्थित आर्मी एडी कॉलेज में रात्रि विश्राम करेंगी।

पांच अगस्त को राष्ट्रपति विशेष ट्रेन से भुवनेश्वर लौटेंगी, जहां से वह भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से नयी दिल्ली रवाना होंगी।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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