Saturday, 21 May, 2022
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‘टूटी हुई हड्डियां बेहतर’-किडनैपिंग के डर से गुरुग्राम में चलते ऑटो से कूदी महिला, शेयर की अपनी स्टोरी

घटना गुरुग्राम के सेक्टर-22 की है, जहां दिन-दहाड़े किडनैपिंग के डर से महिला को चलती हुई ऑटो से कूदना पड़ा. दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ड्राइवर का पता लगाने में जुटी हुई है.

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नई दिल्लीः दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाली घटना की वजह से एक महिला को दिन दहाड़े चलती ऑटो से कूदना पड़ा. महिला ने अपनी कहानी ट्विटर पर शेयर की.

ट्विटर पर अपना परिचय कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट लिखने वाली निष्ठा पालीवाल नाम की इस महिला को ऑटो ड्राइवर दूसरी दिशा में लेकर जाने लगा तो उन्हें चलती ऑटो रिक्शा से कूदना पड़ा.

वह ट्विटर पर शेयर की गई अपनी इस कहानी में लिखती हैं, ‘कल मेरी जिंदगी का सबसे डरावना दिन था, क्योंकि मुझे लगा कि मैं लगभग किडनैप होने वाली हूं. मुझे नहीं पता कि यह क्या था लेकिन मुझे इसे याद करके अभी भी सिहरन हो रही है.’

 

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निष्ठा लिखती हैं कि गुरुग्राम सेक्टर-22 में वह अपने घर से सिर्फ सात मिनट की दूरी पर थीं. दिन के करीब साढ़े 12 बज रहे थे. उन्होंने भीड़भाड़ वाली मार्केट से घर के लिए एक ऑटो रिक्शा किया.

वह आगे बताती हैं, ‘ऑटो ड्राइवर से मैंने कहा कि मैं पेटीएम करूंगी. वह दिखने में ऊबर के ड्राइवर जैसा लगता था इसलिए मुझे लगा कि उसे कोई दिक्कत नहीं होगी. उसने कहा कि ठीक है और मैं ऑटो में बैठ गई. वह डिवोशनल म्यूजिक सुन रहा था.’

उन्होंने लिखा कि, ‘इसके थोड़ी देर बाद ऑटो एक टी-प्वाइंट पर पहुंचा जहां से उसे दाईं ओर मुड़ना था लेकिन ड्राइवर ने दाईं ओर के बजाय बायीं तरफ मोड़ दिया. मैंने उससे पूछा कि आप बायीं तरफ मुड़ रहे हो क्या. पर उसने नहीं सुना, बजाय इसके उसने ईश्वर का नाम लेना शुरू कर दिया.’ आगे वह लिखती हैं कि मैं उसके धर्म के बारे में नहीं लिखना चाहती क्योंकि यह किसी धर्म से संबंधित नहीं है.

आगे निष्ठा ने लिखा कि, ‘मैं चिल्लायी कि भैया मेरा सेक्टर तो दायीं तरफ था आप लेफ्ट में क्यों ले के जा रहे हो. लेकिन उसने इस पर ध्यान नहीं दिया बल्कि काफी जोर जोर से ईश्वर का नाम लेने लगा. इसके बाद मैंने उसके कंधे पर 8-10 बार मारा भी. मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात आई कि बाहर कूद जाओ.’

इसके बाद निष्ठा चलती ऑटो से कूद गईं. जिस वक्त वह बाहर कूदीं उस वक्त ऑटो की स्पीड 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी. वे लिखती हैं कि लेकिन उनके पास इसके अलावा दूसरा विकल्प नहीं था. उन्होंने लिखा, ‘मुझे लगा कि खो जाने या गायब हो जाने से टूटी हुई हड्डियां बेहतर हैं. और मैं चलती हुई बाहर कूद गई. मुझे नहीं पता कि मुझमें इतनी हिम्मत कैसे आ गई.’

लेकिन मुझे आश्चर्य है कि दाहिने कंधे पास थोड़ी चोट के अलावा मुझे बिल्कुल चोट नहीं आई. ईश्वर की कृपा से मैं बिल्कुल सुरक्षित हूं.

निष्ठा आगे लिखती हैं कि वह इसके बाद अपने घर की तरफ चल पड़ीं लेकिन वह पीछे पलट पलट के देख रही थीं, इस डर में कहीं वह फिर से वापस न आ जाए. फिर वह घर जाने के लिए ई-रिक्शा लेती हैं.

उन्होंने लिखा कि मुझे दुख है कि मैंने उसका नंबर नोट क्यों नहीं किया. लेकिन वास्तव में जब आपके साथ इस तरह की घटना होती है तो आप बिल्कुल अलग ज़ोन में होते हैं.

उन्होंने कहा कि वह इस पोस्ट को इसलिए शेयर कर रही हैं ताकि बाकी लोग भी जागरूक और सावधान रहें ताकि किसी के जीवन में इस तरह की घटना न हो.

घटना के बाद वह पालम विहार पुलिस स्टेशन पहुंची. उन्होंने लिखा कि एसएचओ श्री जितेंद्र यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उस आदमी को जरूर खोज निकालेंगे.

पालम विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ जितेंद्र यादव द्वारा दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक ड्राइवर का पता नहीं लग पाया है. उन्होंने बताया कि, ‘चूंकि महिला के पास ऑटो का नंबर नहीं था इसलिए उसे ट्रैक करने में थोड़ा टाइम लग रहा है. हम लोग लगातार इस काम में लगे हुए हैं और टारगेट के काफी नज़दीक हैं. आज शाम तक हम उसे ट्रैक कर लेंगे.’


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