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Monday, 2 November, 2026
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नीट-पीजी परीक्षाओं की उत्तर कुंजी सीमित रूप में ही क्यों जारी करना चाहती है एनबीईएमएस : न्यायालय

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नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह ‘आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड’ (एनबीईएमएस) की नीति से संतुष्ट नहीं है और बोर्ड को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि वह नीट-पीजी परीक्षाओं के लिए उत्तर कुंजी को सीमित रूप में ही जारी करने पर क्यों जोर दे रहा है।

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने एनबीईएमएस से लिखित जवाब दाखिल करने को कहा कि उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र की एक प्रति अपने पास रखने की अनुमति देने से परीक्षा की शुचिता किस प्रकार प्रभावित हो सकती है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, “आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड लिखित रूप में अपना पक्ष रखेगा कि प्रश्नों का खुलासा करने से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-परास्नातक (नीट-पीजी) परीक्षाओं की शुचिता कैसे प्रभावित हो सकती है।”

उच्चतम न्यायालय नीट-पीजी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा था; इन मुद्दों में पारदर्शिता के तहत उत्तर कुंजी को सार्वजनिक करना भी शामिल है।

सुनवाई के दौरान, एनबीईएमएस के वकील ने कहा कि परास्नातक के लिए प्रश्न बैंक बहुत सीमित है और इसलिए यह एक राष्ट्रीय संपत्ति है।

इस मामले में पेश होने वाले वकीलों में से एक ने न्यायालय को बताया कि पिछले वर्षों के नीट-पीजी प्रश्न-पत्र अमेजन पर आसानी से बिक रहे थे, और उन्होंने सवाल उठाया कि एनबीईएमएस प्रश्नों का खुलासा करने से क्यों हिचकिचा रहा है।

इस पर न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने पूछा, “पारदर्शिता का क्या होगा? आप जो कर रहे हैं, उसके बारे में आपको और अधिक स्पष्टीकरण देने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। आपको हमें ठीक-ठीक समझाना होगा कि आपकी स्थिति अन्य परीक्षाओं से अलग क्यों है।”

एनबीईएमएस के वकील ने पीठ को बताया कि प्रश्न बहुत सीमित हैं और प्रश्न बैंक तैयार करने के लिए पूरे देश से विशेषज्ञ आते हैं।

वकील ने कहा, “इन पर कोई कॉपीराइट नहीं होता, क्योंकि ये राष्ट्रीय संपत्ति बन जाते हैं। अगर हम हर साल सवालों को ही सार्वजनिक करना शुरू कर दें, तो अगले पांच-छह सालों में हमारे सभी सवाल कहीं न कहीं इस्तेमाल हो चुके होंगे…।”

उन्होंने कहा, “यह एक कठिन पेपर है… हम नहीं चाहते कि उनके पास इसकी उत्तर कुंजी हो।”

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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