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Sunday, 26 April, 2026
होमदेशविजयन ने दो नन पर हमले संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा

विजयन ने दो नन पर हमले संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा

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तिरुवनंतपुरम, चार अप्रैल (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उन पर छत्तीसगढ़ में दो नन पर हमला करने वालों के साथ खड़े होने का आरोप लगाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शनिवार को निशाना साधा और कहा कि उनकी ये टिप्पणियां ‘‘अज्ञानतापूर्ण और अतिरंजित बयानबाजी का उदाहरण’’ हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित छत्तीसगढ़ में पिछले साल जुलाई में मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में केरल की दो कैथोलिक नन की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस घटना को लेकर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भाजपा पर निशाना साधा था।

विजयन ने कड़े शब्दों में जारी बयान में कहा कि राहुल गांधी भाजपा शासित राज्यों में नन समेत अल्पसंख्यकों के खिलाफ उन कानूनी प्रावधानों को सक्षम बनाने में कांग्रेस पार्टी की भूमिका को संभवत: भूल गए हैं जिनका अब ‘‘दुरुपयोग’’ किया जा रहा है।

इससे पहले, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक गठबंधन (एलडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि देश के अन्य हिस्सों में “अल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले” लोगों के साथ मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की साठगांठ है।

विजयन ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में जिस कानून के तहत दो नन को गिरफ्तार किया गया था, वह उस समय बना था जब 2000 में मध्य प्रदेश से अलग करके छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया था और इसे अजीत जोगी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बरकरार रखा था।

उन्होंने कहा कि इस कानून का अल्पसंख्यकों के खिलाफ व्यापक रूप से दुरुपयोग हुआ है लेकिन कांग्रेस की लगातार बनी सरकारें ‘‘वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद इसे निरस्त करने में विफल रहीं।’’

विजयन ने 2022-23 के क्रिसमस-नववर्ष समय की घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि जब राज्य में हिंसा के बीच कथित तौर पर हजारों आदिवासी ईसाई विस्थापित हुए, तब उसने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या उस समय राहुल ने पार्टी नेतृत्व से खुद को अलग कर लिया था।

उन्होंने दोहराया कि वामपंथ ने ऐसे ‘‘असंवैधानिक’’ कानूनों का लगातार विरोध किया है और इन्हें निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि माकपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में भी इस मुद्दे को शामिल किया था।

विजयन ने कहा कि माकपा ने छत्तीसगढ़ में दो नन की गिरफ्तारी का जोरदार विरोध किया था और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप भी किया था।

वामपंथी दिग्गज ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत कांग्रेस की प्रतिक्रिया में ईमानदारी का अभाव था क्योंकि केवल केरल के कुछ नेताओं ने प्रतिक्रिया दी, जबकि छत्तीसगढ़ में पार्टी नेतृत्व काफी हद तक चुप ही रहा।

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस हिमाचल प्रदेश समेत उन राज्यों में इसी तरह के कानूनों को रद्द करने के लिए तैयार होगी जहां वह सत्ता में है।

विजयन ने कहा, ‘‘जहां तक माकपा का सवाल है, राहुल गांधी को कांग्रेस के राजनीतिक मानकों के आधार पर पार्टी का आकलन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’’

भाषा

सिम्मी माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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