scorecardresearch
Sunday, 18 January, 2026
होमदेशविजयन ने एसआईआर के मसौदे से 25 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की खबरों पर चिंता जताई

विजयन ने एसआईआर के मसौदे से 25 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की खबरों पर चिंता जताई

Text Size:

तिरुवनंतपुरम, 19 दिसंबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने उन खबरों पर शुक्रवार को चिंता व्यक्त की जिनमें कहा गया है कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची के मसौदे से 25 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।

एक बयान में विजयन ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सितंबर 2025 में संपन्न विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में जिसका नाम दर्ज था उस सूची में एक भी पात्र मतदाता को एसआईआर के तहत तैयार संशोधित सूची से बाहर नहीं रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने पूरी प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती। उन्होंने कहा कि एसआईआर से संबंधित जानकारी पारदर्शी होनी चाहिए और राजनीतिक दलों और आम जनता के लिए सुलभ तरीके से वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उनका यह बयान निर्वाचन आयोग द्वारा केरल में मतदाता सूची की गणना के चरण के पूरा होने की घोषणा के एक दिन बाद आया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 24.81 लाख मतदाताओं का पता नहीं लगा। इनमें 6.49 लाख लोग मृत हैं जबकि 6.89 लाख मतदाताओं की जानकारी नहीं मिली। 8.21 लाख स्थानांतरित मतदाता हैं जबकि 1.34 लाख ‘डुप्लिकेट’ प्रविष्टियां हैं।

विजयन ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि मृतकों के अलावा जो लोग स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं, ‘डुप्लिकेट’ पंजीकरण के मामले और जिन व्यक्तियों का पता नहीं लगाया जा सका है, के अलावा ‘अन्य’ की अस्पष्ट श्रेणी के तहत बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भी स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में ‘अन्य’ की श्रेणी में कौन-कौन लोग आते हैं।

विजयन ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि त्रुटियों से भरी मतदाता सूची तैयार की जा रही है। तकनीकी कारणों से मतदान के अधिकार को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। यह एक ऐसा अधिकार है जो लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक वयस्क नागरिक को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस अधिकार से वंचित करना लोकतंत्र की नींव को ही नष्ट करने के बराबर है।”

भाषा

शुभम अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments