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Saturday, 18 July, 2026
होमदेशविजय सरकार का तमिलनाडु का पहला बजट अगस्त के पहले हफ्ते में पेश होगा—मंत्री मारिया विल्सन

विजय सरकार का तमिलनाडु का पहला बजट अगस्त के पहले हफ्ते में पेश होगा—मंत्री मारिया विल्सन

मुख्यमंत्री विजय पिछले दो हफ्तों से मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बजट और नीतिगत प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए कई विस्तृत समीक्षा बैठकें कर रहे हैं.

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थूथुकुडी (तमिलनाडु): तमिलनाडु के मंत्री मारिया विल्सन ने शनिवार को कहा कि नई सरकार के तहत राज्य सरकार का पहला बजट अगस्त के पहले हफ्ते में पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के भ्रष्टाचार विरोधी कदमों और सरकार के कामकाज का स्वागत किया है.

विल्सन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय पिछले दो हफ्तों से मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बजट और नीतिगत प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए कई विस्तृत समीक्षा बैठकें कर रहे हैं.

विल्सन ने कहा, “तमिलनाडु सरकार का बजट अगस्त के पहले हफ्ते में पेश किया जाएगा. मुख्यमंत्री पिछले 15 से 16 दिनों से मंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं. ये समीक्षा बैठकें करीब छह से सात घंटे तक चलीं और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. कैबिनेट की बैठक भी सफलतापूर्वक पूरी हो गई है. टीवीके सरकार के 55 दिन पूरे होने के साथ, नई सरकार के तहत तमिलनाडु सरकार का पहला बजट सफलतापूर्वक पेश किया जाएगा. लोग मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का 100 प्रतिशत स्वागत कर रहे हैं. जब लोग तमिलनाडु सरकार के कामकाज का स्वागत कर रहे हैं, तो सभी को इसका स्वागत करना चाहिए.”

इस बीच, तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के. विश्वनाथन ने दोहराया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पैसों की कमी छात्रों की उच्च शिक्षा में बाधा न बने.

एथिराज कॉलेज के संस्थापक एम. एथिराज की जयंती समारोह के मौके पर बात करते हुए, विश्वनाथन ने कहा कि सरकार ने 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के दौरान 1,00,200 छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये बांटे जाने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बिना किसी गारंटी (कोलेटरल) के 7.5 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण देने के लिए एक व्यापक योजना शुरू की है.

विश्वनाथन ने कहा, “मुख्यमंत्री ने यह पक्का फैसला लिया है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा हासिल करने से नहीं रोका जाना चाहिए.”

मंत्री ने विश्वविद्यालयों के डीन और सिंडिकेट सदस्यों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोपों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि नान मुधलवन कौशल विकास योजना पिछली डीएमके सरकार ने शुरू की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद अपनी नीतिगत फैसले अपनाए हैं.


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