नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और 19 अन्य लोकसभा सांसदों, जिन्होंने नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) जॉइन की है, को रविवार को होने वाली परंपरागत सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है.
सुदीप बंद्योपाध्याय को लिखे पत्र में रिजिजू ने माना कि 20 सांसदों के इस समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एनसीपीआई के रूप में मान्यता देने की मांग की है, जिस पर अभी विचार चल रहा है. उन्होंने उन्हें संसद के आने वाले सत्र के विधायी कामकाज पर चर्चा के लिए बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया.
पत्र में रिजिजू ने कहा, “हाल ही में आपने 19 अन्य सांसदों के साथ नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) जॉइन की है और लोकसभा के माननीय अध्यक्ष से मान्यता देने का अनुरोध किया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है. मुझे आपको लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में आमंत्रित करते हुए खुशी हो रही है. इस बैठक में संसद के आने वाले मानसून सत्र के दौरान सदनों में उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और विधायी कामकाज पर चर्चा होगी. मैं आपसे सहयोग की अपेक्षा करता हूं ताकि संसद के दोनों सदन सुचारू रूप से चल सकें.”
सर्वदलीय बैठक 19 जुलाई को सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में होगी. रिजिजू ने सुदीप बंद्योपाध्याय और एनसीपीआई की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के रूप में नामित डॉ. काकोली घोष दस्तीदार से भी बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया.
यह बैठक मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले होगी. मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा. सरकार इस दौरान अपने विधायी एजेंडे की जानकारी राजनीतिक दलों को देगी, जबकि विपक्ष उन प्रमुख मुद्दों को उठाने की संभावना है जिन्हें वह सत्र में उठाना चाहता है.
इससे पहले रिजिजू ने घोषणा की थी कि मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा.
रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है. यह सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, ताकि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और फैसले लिए जा सकें.”
हाल की राजनीतिक घटनाओं के बीच इस सत्र में जोरदार बहस और हंगामे की संभावना है. तृणमूल कांग्रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, क्योंकि उसके 20 सांसद नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए हैं और लोकसभा में अलग पहचान की मांग कर चुके हैं. इसके अलावा टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन कर ली है.
शिवसेना (यूबीटी) में भी टूट हुई है. उसके छह लोकसभा सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं. इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.
विपक्ष इस सत्र में कथित नीट-यूजी पेपर लीक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान जैसे मुद्दे उठा सकता है. कांग्रेस इस मामले में रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस पहले ही दे चुकी है.
वहीं, सरकार इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने और उन पर चर्चा कराने की तैयारी में है.
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