गुरुग्राम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद पहुंचने से एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से रेलवे जंक्शन पहुंचे.
वह गाड़ी से उतरे, मंत्रियों के साथ पूरे कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और इसका वीडियो हरियाणा बीजेपी इकाई के एक्स हैंडल पर भी साझा किया. संदेश साफ था- राज्य के मुख्यमंत्री भी पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे.
यह वीडियो और बाद में सैनी की ओर से जारी दूसरा वीडियो, बीजेपी के उस अभियान की शुरुआत बने, जिसे पार्टी हरियाणा के इतिहास की पहली इको-फ्रेंडली (ग्रीन) राजनीतिक रैली बता रही है.
सैनी ने हरियाणा बीजेपी के एक्स हैंडल पर जारी वीडियो में कहा, “यह पार्टी की पहली ऐसी रैली होगी, जिसमें पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल नहीं होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने और राज्य की कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने आ रहे हैं. उनके स्वागत में यह हमारी पहली इको-फ्रेंडली रैली होगी.”
उन्होंने कहा कि हरियाणा के दूसरे जिलों में जहां लोग टीवी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री का भाषण देखेंगे, वहां भी पेट्रोल और डीजल वाले वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, वे भी यात्रा के लिए केवल ईवी या सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करेंगे.
प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी के प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी ने जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
साथ ही अधिकारियों को व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।… pic.twitter.com/jVOUGt2bjB
— Haryana BJP (@BJP4Haryana) July 16, 2026
शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी जींद पहुंचे और उन्होंने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलेगी. करीब 12 साल बाद मोदी का जींद दौरा हुआ.

HSVP मैदान से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के साथ-साथ कई अन्य परियोजनाओं का भी वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा हिस्सा, नारनौल के कोरियावास और भिवानी के सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं.
हाइड्रोजन ट्रेन के साथ राज्य सरकार ने पूरा ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट प्लान’ भी तैयार किया.
सरकार ने लोगों को जींद लाने के लिए 146 इलेक्ट्रिक बसें चलाईं. इनमें ज्यादातर लोग जींद, हांसी और गोहाना से आए. कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए सीएनजी बसों और ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया गया.
हरियाणा के बाकी जिलों के लोगों को जींद नहीं बुलाया गया. उन्होंने प्रधानमंत्री का भाषण 22 जिलों में लगाए गए एलईडी स्क्रीन पर देखा. हर जिले में एक मंत्री या सांसद को मुख्य अतिथि बनाया गया था.
बीजेपी ने एक्स पर एक और वीडियो साझा किया, जिसमें हरियाणा के मंत्री महिपाल ढांडा, पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज तक साइकिल से जाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते दिखाई दिए. वहीं उस जिले के लिए प्रधानमंत्री की रैली का सीधा प्रसारण किया गया.
आज माननीय प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी हरियाणा को अनेक नायाब सौगातें प्रदान करेंगे।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सीधा प्रसारण को देखने के लिए पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज में विशेष आयोजन किया गया।
कैबिनेट मंत्री श्री @MAHIPALDHANDA1 जी पानीपत ग्रामीण के सभी साथियों के साथ… pic.twitter.com/mPzB94BHSh
— Haryana BJP (@BJP4Haryana) July 17, 2026
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले दिप्रिंट से बातचीत में राज्यसभा सांसद और हरियाणा बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद पेट्रोल और डीजल की बचत का संदेश देना था.
उन्होंने कहा कि जब खाड़ी युद्ध अपने चरम पर था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी. उसी समय उन्होंने अपने काफिले में भी गाड़ियों की संख्या कम कर दी थी. इसके बाद कई मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी अपने स्थानीय पायलट वाहनों का इस्तेमाल बंद कर दिया था.
बराला ने बताया कि वह खुद सिरसा में एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम देखने पहुंचे और वहां भी इलेक्ट्रिक वाहन से गए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल में और बाकी मंत्री व सांसद भी अपने-अपने जिलों में ईवी या सीएनजी वाहनों से पहुंचे. उनके मुताबिक, हरियाणा में किसी भी राजनीतिक दल की यह पहली ऐसी रैली थी.
हालांकि, विपक्ष इस दावे से सहमत नहीं है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री हरियाणा के लिए कौन-कौन सी परियोजनाएं लेकर आए हैं.
ग्रीन रैली के दावे पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ ईंधन बचाने तक सीमित नहीं थी. उन्होंने लोगों से विदेश यात्राएं भी कम करने को कहा था, लेकिन उसके बाद खुद आठ से ज्यादा देशों का दौरा कर चुके हैं.
सिंह ने कहा कि इस इको-फ्रेंडली रैली को “सिर्फ प्रतीकात्मक कदम” माना जाना चाहिए. उनके मुताबिक, ऐसे प्रतीकात्मक कार्यक्रम करने में बीजेपी को अच्छी महारत हासिल है.
राज्य सरकार ने भी इस कार्यक्रम को पहले से ही इसी रूप में पेश किया था.
8 जुलाई को जींद में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सैनी ने इस रैली को राज्य के विकास का “नया अध्याय” बताया था. उन्होंने कहा था कि यह रैली पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के संदेश पर आधारित होगी और ज्यादातर लोग इलेक्ट्रिक या CNG वाहनों से आएंगे.
उस बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. सभी ने मिलकर रूट प्लान, सुरक्षा, बिजली, पानी और सफाई की तैयारियों की समीक्षा की.
पार्टी ने यह संदेश बूथ स्तर तक भी पहुंचाया.
गुरुवार को जुलाना में कार्यकर्ताओं की बैठक में हरियाणा सामाजिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और उचाना से विधायक योगेश बैरागी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जींद के कार्यक्रम में केवल इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों से ही आएं, ताकि लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा का संदेश पहुंच सके.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)