गोपेश्वर, 31 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान शनिवार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी ।
अधिकारियों के मुताबिक, अब अगले साल जून से पर्यटक राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर पायेंगे।
उद्यान के वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान ने बताया कि इस साल उद्यान एक जून को खुला था और लगभग पांच महीने के सीजन में देश-विदेश के कुल 35,261 सैलानियों ने फूलों की घाटी की सैर की।
उन्होंने बताया कि इनमें 34,996 भारतीय और 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
जिरवान ने बताया कि पर्यटकों की आवाजाही से वन विभाग को कुल 67 लाख सात हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
गौरतलब है कि 27 सितंबर को अत्यधिक बारिश एवं मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए फूलों की घाटी को एहतियातन एक दिन के लिए बंद रखा गया था लेकिन इसके बावजूद इस सीजन में पर्यटकों की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
हिमालय की गोद में बदरीनाथ के समीप स्थित स्थित फूलों की घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा, रंग-बिरंगे फूलों की सैकड़ों प्रजातियों, दुर्लभ वनस्पतियों और विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। करीब 87 वर्ग किलोमीटर के इस विशाल भूभाग को 1982 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था ।
फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रबंधन नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क डिविजन करता है। ये दोनों राष्ट्रीय पार्क नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के कोर एरिया हैं और दोनों ही यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में दर्ज हैं । भाषा सं दीप्ति जोहेब
जोहेब
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