बेंगलुरु, 20 मार्च (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने के लिए अपने एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पूरी फीस का भुगतान करने का आदेश दिया। अमेरिकी नागरिक ने उच्च न्यायालय का रुख कर देश छोड़ने की अनुमति के लिए (निकास परमिट) केंद्र सरकार और आव्रजन ब्यूरो को निर्देश देने का अनुरोध किया था।
एक बच्ची के रूप में पर्यटक वीजा पर भारत आने के बाद उसने भारतीय नागरिक होने का दावा करते हुए अपनी शिक्षा पूरी की। जब उसने भारत से बाहर जाने की अनुमति मांगी, तब पता चला कि वह भारत में अनधिकृत रूप से रह रही अमेरिकी नागरिक है।
न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने हाल ही में अपने फैसले में कहा, “याचिकाकर्ता ने झूठ का सहारा लिया और अनैतिक तरीकों से अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है, जैसा कि ऊपर बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता इस देश में अपना करियर बनाना भी नहीं चाहती है और अपने पूरे करियर के दौरान यह कहते हुए लाभ प्राप्त किया कि वह भारतीय है।”
अदालत ने उसे अनिवासी या प्रवासी नागरिक के लिए लागू पाठ्यक्रम शुल्क का भुगतान करने पर “निकास परमिट” जारी करने की अनुमति दी और अधिकारियों को मामले के अजीबोगरीब तथ्यों पर विचार करते हुए अनधिकृत प्रवास के लिए कानूनी कार्यवाही नहीं करने का भी निर्देश दिया।
भाषा जितेंद्र अविनाश
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