उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर की शाही मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शाही मस्जिद समिति और राज्य प्रशासन के बीच समझौता होने के बाद याचिका का निपटारा कर दिया.
शाही मस्जिद समिति के वकील कुलदीप पाठक ने कोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जयकुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के पहले के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की.
पाठक ने कहा, “पहले एकल पीठ ने हमारी याचिका खारिज कर दी थी. इसके खिलाफ हमने अपील दायर की थी, जिस पर आज सुनवाई हुई. प्रशासन 9.5 फीट जगह हटाने की मांग कर रहा था. लेकिन बातचीत के बाद समिति और प्रशासन के बीच समझौता हो गया.”
समझौते के तहत समिति मस्जिद के ढांचे का 3 फीट हिस्सा हटाने के लिए तैयार हो गई है.
पाठक ने कहा, “हम 3 फीट का अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार हैं और हमने तोड़ने का काम शुरू भी कर दिया है. इसके अलावा प्रशासन ने हटाई जा रही दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था देने पर सहमति जताई है. इसमें अतिरिक्त F.A.R. (Floor Area Ratio), अधिग्रहण के तय नियमों के अनुसार मुआवजा और मस्जिद परिसर के अंदर मीनार को दूसरी जगह ले जाना शामिल है.”
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों और इसके संबंध में जमा किए गए हलफनामों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.
इससे पहले सोमवार को उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास तनाव की स्थिति बन गई थी. सिम्हस्थ कुंभ की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ी करने के काम के तहत मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के प्रस्ताव का विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई.
मौके पर पथराव की घटनाओं के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. सुरक्षा बढ़ाते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया.
सुबह उस समय झड़प शुरू हुई, जब बड़ी संख्या में लोग उस जगह पर पुलिस के सामने आ गए, जहां सड़क चौड़ी करने के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की योजना थी.
उज्जैन में 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौके पर मौजूद थे. तनाव को देखते हुए पूरे शहर में अलर्ट भी जारी किया गया था.
जिला कलेक्टर रौशन कुमार ने कहा कि क्षत्रिय चौक पर सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाला शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय और उससे जुड़े धार्मिक समूह के सदस्य स्वेच्छा से हटा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अफवाहों और गलत जानकारी पर ध्यान नहीं देने की अपील की.
कुमार ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के काम में लोगों, धार्मिक समूहों और समुदायों की स्वैच्छिक भागीदारी इस काम का सकारात्मक पहलू है.
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