जयपुर, 13 जून (भाषा) जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस वार्ता के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना के दो दिन बाद राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (आरवीपीएनएल) ने शनिवार को लापरवाही के आरोप में एक सहायक अभियंता (एईएन) और एक इलेक्ट्रीशियन को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, इसके अलावा एक अन्य अधिकारी को आरोप-पत्र जारी किया गया है।
यह कार्रवाई 11 जून की घटना की जांच के बाद की गई जब भाजपा के राज्य मुख्यालय में बिजली गुल होने से वैष्णव की मीडिया से बातचीत बाधित हो गई थी। बिजली आपूर्ति तीन बार ठप होने के कारण मंत्री को लगभग 10 मिनट तक अंधेरे में ही पत्रकारों को संबोधित करना पड़ा था।
अधिकारियों के अनुसार, हीरापुरा स्थित 400 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) में ट्रिपिंग होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इस घटना के बाद बिजली विभाग और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना हुई थी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरवीपीएनएल ने 400 केवी जीएसएस, हीरापुरा में तैनात सहायक अभियंता विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन (ग्रेड-1) बाबू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निगम ने अधीक्षण अभियंता (एसई) आर.पी. गुप्ता को भी आरोपपत्र जारी करते हुए घटना के संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच रिपोर्ट में बिजली अवसंरचना के रखरखाव में खामियां पाए जाने के बाद यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।’’
भाषा पृथ्वी खारी
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