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Thursday, 15 October, 2026
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जर्मनी में आग से झुलसे केरलमवासियों के पार्थिव शरीर वापस लाने का खर्च उठाएगी राज्य सरकार: सतीशन

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तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका कार्यालय जर्मनी में आग लगने की घटना में मारे गए राज्य के तीन लोगों के पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर रहा है। मृतकों के परिजनों और जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में सहायता का अनुरोध किया था।

मृतकों की पहचान एर्नाकुलम जिले के कलाडी निवासी शिविन जॉनी (26), इडुक्की जिले के कट्टप्पना निवासी नोवा साबू (25) और कोल्लम जिले के चेम्मक्कड निवासी अंजलि शीला जॉय (27) के रूप में हुई है।

खबरों के अनुसार, जर्मनी के बोखुम शहर में एक आवासीय इमारत में आग लगने से तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री सतीशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आग की घटना में तीन केरलमवासियों की मौत से वह ‘‘बेहद दुखी’’ हैं।

उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रवासी केरलमवासी मामलों के विभाग के संगठन ‘नोरका रूट्स’ के माध्यम से पार्थिव शरीर वापस लाने का पूरा खर्च उठाएगी।

सांसद बेनी बेहानन ने बृहस्पतिवार को कलाडी स्थित शिविन जॉनी के घर का दौरा किया और उनके माता-पिता तथा परिजनों से मुलाकात की।

बेहानन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में रोजगार तलाशने और अपना भविष्य संवारने के लिए जर्मनी गए तीनों युवाओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि पार्थिव शरीर वापस लाने की प्रक्रिया में मदद के लिए वह जर्मन दूतावास और जर्मनी में रहने वाले मित्रों के संपर्क में हैं।

जॉनी के एक रिश्तेदार ने संवाददाताओं को बताया कि वह पिछले महीने नौकरी की तलाश में जर्मनी गया था और इसी सप्ताह काम शुरू करने वाला था। उसका भाई साल्विन जर्मनी में नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है।

रिश्तेदार ने कहा, ‘‘उसे इसी सप्ताह नौकरी शुरू करनी थी। इसी दौरान आग लगने की घटना हो गई। हम जर्मनी में रहने वाले केरलवासियों के संपर्क में हैं, जिन्होंने उसका पार्थिव शरीर केरलम वापस लाने में मदद करने का आश्वासन दिया है।’’

पर्यटन मंत्री पी. सी. विष्णुनाध ने चेम्मक्कड स्थित अंजलि शीला जॉय के आवास का दौरा किया और उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने में परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

जॉय के रिश्तेदार जॉनसन ने मीडिया को बताया कि वह रोज अपने माता-पिता से संपर्क करती थी, लेकिन मंगलवार को उसका फोन नहीं आया, जिससे परिवार चिंतित हो गया।

बाद में विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों ने परिवार को घटना की जानकारी दी। जर्मनी में मौजूद उनके दोस्तों ने भी इसकी पुष्टि की।

भाषा राखी प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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