लखनऊ, 29 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘नाम बदलने का खेल’’ अब समाप्त होगा, क्योंकि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता सरकार बदलने की तैयारी कर चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से बुधवार को वाराणसी में की गई घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो लोग देवी-देवताओं तक के नाम बदल सकते हैं, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है? अब नाम बदलने का यह खेल खत्म होगा, क्योंकि जनता सरकार बदलने के लिए तैयार है।’’
सपा प्रमुख की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘समरसता संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद आई। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस अभियान को भाजपा की दलित संपर्क पहल के रूप में देखा जा रहा है।
वाराणसी से अलग कर बनाए गए भदोही जिले का नाम तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने छह दिसंबर, 2014 को संत रविदास नगर से बदलकर भदोही कर दिया था।
वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जिले का पुराना नाम बहाल करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे फैसले उन लोगों को पसंद नहीं आएंगे, ‘‘जो बाबर और औरंगजेब को अपना आदर्श मानते हैं।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ‘‘लोगों को बांटने और उन्हें आपस में लड़ाने का काम करती है।’’
भाषा
राजेंद्र रवि कांत
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