नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही भ्रामक खबरों पर उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्थिति स्पष्ट की है. निगम ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर कोई नया शुल्क नहीं लगाया गया है. पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद पहले समायोजित या वापस की गई सिक्योरिटी राशि ही नियमानुसार दोबारा जमा कराई जा रही है.
UPPCL के अनुसार, प्रदेश में स्मार्ट मीटर पहले प्रीपेड प्रणाली पर संचालित किए गए थे. उस समय उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि बकाया बिलों में समायोजित कर दी गई थी या प्रीपेड खाते में रिचार्ज के रूप में जोड़ दी गई थी. बाद में उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को फिर से पोस्टपेड प्रणाली में बदल दिया गया.
निगम ने बताया कि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसलिए सिक्योरिटी राशि चार समान मासिक किस्तों में ली जा रही है. पहली किस्त जून 2026 की बिजली खपत के जुलाई में जारी बिल में शामिल थी, जबकि बाकी तीन किस्तें अगले मासिक बिलों में स्वतः जुड़ेंगी.
UPPCL ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और हर महीने समय पर बिजली बिल डाउनलोड कर निर्धारित तिथि तक उसका भुगतान करें.