नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने बुधवार को कहा कि दुनिया में इस समय कड़ी प्रतिस्पर्धा, बदलते शक्ति समीकरणों, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यापक उथल-पुथल एवं परस्पर विरोधी रणनीतिक हितों का दौर जारी है तथा समुद्री क्षेत्र इन घटनाक्रम के केंद्र में है।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने दिल्ली में आयोजित हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद (आईपीआरडी) को संबोधित करते हुए समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में साझा समझ बढ़ाने और क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने पर भी जोर दिया।
नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘नवंबर 2019 में बैंकॉक में आयोजित 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत सात प्रमुख क्षेत्रों में क्षेत्रीय समुद्री सहयोग का खाका पेश किया गया था। आईपीआरडी 2026 का विषय ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अकादमिक सहयोग’ इन्हीं सात क्षेत्रों में से एक पर आधारित है।’’
एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, ‘‘आज जब हम वैश्विक सुरक्षा की स्थिति का आकलन करते हैं, तो पाते हैं कि दुनिया में कड़ी प्रतिस्पर्धा और टकराव, बदलते शक्ति समीकरणों, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यापक उथल-पुथल और परस्पर विरोधी रणनीतिक हितों का दौर चल रहा है। समुद्री क्षेत्र इन घटनाक्रमों से अछूता नहीं है, बल्कि इनके केंद्र में है।’’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आईपीआरडी 2026 के एक सत्र में भाग लिया।
एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि साझा हितों को ठोस और सकारात्मक परिणामों में बदलने तथा दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आईपीआरडी 2026 इस दिशा में शायद छोटी, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भाषा सिम्मी वैभव
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