पटना, दो नवंबर (भाषा) प्रशांत किशोर नीत जनसुराज पार्टी ने बतौर निर्दलीय बिहार विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता सोमवार को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि दोनों विधान पार्षदों ने स्वयं भाजपा में शामिल होने की बात स्वीकार की है जो संविधान और दल-बदल कानून का उल्लंघन है।
जनसुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना तथा रामबली सिंह चंद्रवंशी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विधान परिषद के सभापति राम बचन राय से मुलाकात की और अन्य दस्तावेजों के साथ-साथ दोनों विधान पार्षदों (एमएलसी)को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका सौंपी।
पूर्व विधान पार्षद रामबली चंद्रवंशी ने बाद में कहा कि राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी ने जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की, उसे पूरे देश ने देखा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संविधान का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा, ‘‘अतीत में मेरी भी विधान परिषद की सदस्यता समाप्त की गई थी। इसलिए मैं नियम-कानून को बेहतर तरीके से जानता और समझता हूं। हमने पार्टी की ओर से विधान परिषद के सभापति डॉ. रामबचन राय को आवेदन देकर दोनों नेताओं की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।’’
चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 48 घंटे के भीतर ही दोनों नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभापति इस मामले में जल्द न्याय करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले को छोड़ने वाले नहीं हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’’
मुन्ना ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जनता दल (यूनाइटेड) को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देकर चुनाव जिताया और फिर कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया।
मुन्ना ने कहा कि पार्टी के नेताओं ने विधान परिषद के सभापति से मिलकर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और दोनों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सभापति ने इस मामले में सकारात्मक आश्वासन दिया है और जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।
मुन्ना ने सत्तारूढ़ दल पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है। भाजपा अपने पुराने सहयोगी जदयू को खत्म करने की कोशिश में है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद से जदयू कमजोर हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि ब्रजवासी और राहुल राज दोनों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जदयू उम्मीदवारों को हराकर जीत दर्ज की थी। हाल में हुए विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में जदयू ने चार सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल एक सीट मिली, जबकि भाजपा ने अपने सहयोगी के बराबर सीटों पर उम्मीदवार उतारकर दो सीटों पर जीत हासिल की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल जनसुराज पार्टी के अधिवक्ता पार्थ सारथी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हमने माननीय सभापति के समक्ष यह पक्ष रखा है कि यदि संविधान के अनुच्छेद 191 को दसवीं अनुसूची के साथ पढ़ा जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों एमएलसी अयोग्य ठहराए जाने के पात्र हैं। सभापति ने हमारी बात धैर्यपूर्वक सुनी और आश्वासन दिया कि वह अपने विधिक अधिकारियों की सलाह के अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’
इससे पहले रविवार को जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘यदि सभापति उच्चतम न्यायालय के समान मामलों से जुड़े आदेशों में निर्धारित तीन महीने की अवधि के भीतर इस मामले पर फैसला नहीं लेते हैं तो हम शीर्ष अदालत का रुख करेंगे।’’
इस बीच, जदयू के प्रवक्ता एवं तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार रहे अभिषेक झा ने बताया कि हाल में संपन्न चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए इस सप्ताह के अंत में बैठक बुलाई गई है।
झा ने चुनाव परिणामों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था। हालांकि, उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से बातचीत के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन रद्द करने का फैसला किया है।
झा ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘चुनाव को लेकर मुझे बहुत कुछ कहना है। पांच नवंबर को जदयू के प्रदेश मुख्यालय में बुलाई गई बैठक में मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी भावनाएं रखूंगा। इसके बाद मीडिया से भी बात करूंगा। हुई असुविधा के लिए खेद है।’’
भाषा कैलाश धीरज
धीरज
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