नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार को उस याचिका पर सुनवाई छह नवंबर तक के लिए टाल दी, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम 1983 में भारतीय नागरिकता मिलने से तीन साल पहले ही मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।
एक सत्र अदालत ने 21 सितंबर को सोनिया गांधी के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने से इनकार करने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया और मामले को नये सिरे से सुनवाई के लिए वापस मजिस्ट्रेट अदालत के पास भेज दिया।
बुधवार को, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) विनोद जोशी ने इस मामले में दोबारा सुनवाई को छह नवंबर तक के लिए टाल दिया।
एसीजेएम वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर 2025 को वकील विकास त्रिपाठी द्वारा दायर शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इस आदेश को चुनौती देते हुए, त्रिपाठी ने सत्र अदालत में एक पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.