छत्रपति संभाजीनगर, 24 अक्टूबर (भाषा) मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ऑडियो क्लिप विवाद की तह तक जाना चाहिए तथा इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।
जरांगे ने यह भी दावा किया कि ‘‘एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के खेमे के लोग, हमें बदनाम करने के लिए दूसरों को उकसा रहे हैं।’’
उन्होंने बृहस्पतिवार को एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया है कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे (जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे भी हैं) के जरिए 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे।
जालना के अंकुशनगर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जरांगे ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ एक साजिश रची गई, क्योंकि वह किसानों और आम नागरिकों के मुद्दों को उठा रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने पर्दे के पीछे छिपी बातों को सामने ला दिया है। असल में, हमने पर्दा ही फाड़ दिया है। इसकी वजह से सभी राजनीतिक दलों के नेता जाग गए हैं, जो मेरे लिए अहम है। मैं इस मामले की तह तक जाऊंगा।’’
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को भी इस मामले की तह तक जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी को भी बख्शा न जाए।
अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए, जरांगे ने कहा कि उन्हें और मराठा कोटा आंदोलन को बदनाम करने की कोशिशों में ‘‘पार्टी फंड’’ का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि अगर समुदाय के लोग यह ऑडियो क्लिप सुनेंगे, तो उन्हें पता चल जाएगा कि यह साजिश कैसे रची गई थी।
जरांगे ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया देखने के लिए अगले 15-30 दिनों तक ‘‘चुप’’ रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘शिंदे को इस मामले को देखना चाहिए और इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, भले ही वे उनके अपने गुट के ही क्यों न हों। अगर वे कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हम यही मानेंगे कि किसी भी जाति या समुदाय को सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।’’
जरांगे ने दावा किया, ‘‘मेरे घर पर भी हमला हो सकता है। एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के खेमे के लोग हमें बदनाम करने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं।’’
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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