खनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य में बिजली की आपूर्ति भी समान नहीं थी और उद्योगपति लखनऊ आने से इनकार करते थे. उन्होंने कहा कि 2015-16 में तत्कालीन सरकार ने निवेश सम्मेलन कराने की कोशिश की थी, लेकिन उद्योग जगत के लोगों के लखनऊ आने से इनकार के बाद इसे दिल्ली में आयोजित करना पड़ा.
लखनऊ में टेक संगम इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान योगी ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में बिजली, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बदलाव आया है.
उन्होंने कहा, “2017 से पहले बिजली भी शायद लोगों का चेहरा देखकर पहुंचती थी. सबको समान रूप से बिजली नहीं मिलती थी. आज वह स्थिति नहीं है. आज सभी को समान रूप से बिजली मिलती है. सुरक्षा की भी गारंटी है और हम इसी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश में रोजगार भी दे रहे हैं.”
योगी ने 2015-16 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित किए गए निवेश सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर के उद्योग जगत के लोगों ने लखनऊ आने से इनकार कर दिया था.
उन्होंने कहा, “2017 से पहले अगर लखनऊ में किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की बात होती थी, तो अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप के दूसरे देशों या देश के दूसरे हिस्सों से इस क्षेत्र का कोई विशेषज्ञ लखनऊ नहीं आता था.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “2015-16 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने निवेश सम्मेलन आयोजित करने की कोशिश की. जब देशभर के उद्योग जगत के लोगों ने लखनऊ आने से इनकार कर दिया, तो सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा.”
योगी ने 2017 के बाद अयोध्या में हुए बदलाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ तीन घंटे बिजली आती थी और बुनियादी सुविधाओं की भी कमी थी.
उन्होंने कहा, “हमने 2017 में दिवाली के मौके पर अयोध्या में दीपोत्सव शुरू किया. जब मैंने अयोध्या में यह आयोजन करने की योजना बनाई तो लोगों ने पूछा कि क्या वहां दीपोत्सव हो भी पाएगा. मैंने कहा, क्यों नहीं?”
उन्होंने कहा कि आज दीपोत्सव में लाखों लोग व्यक्तिगत रूप से शामिल होते हैं और दुनियाभर में लोग इसे देखते हैं. यह एक बड़ा आयोजन बन चुका है और इसने अयोध्या को अलग पहचान दी है.
योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सुविधाएं नहीं थीं और गलियां संकरी थीं. आज वहां चार और छह लेन की सड़कें हैं. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया गया है, जो अयोध्या को देश और दुनिया के दूसरे हिस्सों से जोड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि हजारों साल का यह अंतर सिर्फ अयोध्या के विकास में ही बाधा नहीं था, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश भी पीछे रहा.