चेन्नई/थेनी, दो नवंबर (भाषा) तमिलनाडु में कैदियों के फरार होने की लगातार सामने आ रही घटनाओं के मद्देनजर जेल के कैदियों द्वारा संचालित पेट्रोल पंपों को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस बीच, दोबारा पकड़े गए एक कैदी को थेनी जेल में यातना दिए जाने का आरोप लगाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से नया विवाद खड़ा हो गया।
पेट्रोल पंपों को बंद करने का फैसला जेल से फरार होने की अलग-अलग घटनाओं के बाद लिया गया, इनमें चेन्नई के पुजल केंद्रीय कारागार से दो कैदियों, थेनी की एक जेल से 17 कैदियों और कोयंबटूर की एक जेल से एक कैदी के फरार होने की घटनाएं शामिल हैं।
पुलिस ने चेन्नई और थेनी की जेलों से फरार हुए कैदियों को पकड़ लिया जबकि कोयंबटूर से फरार कैदी की तलाश जारी है।
थेनी की घटना के संबंध में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। दोबारा पकड़े गए कैदी मीनाक्षीसुंदरम का एक वीडियो बयान सोशल मीडिया पर सामने आया है।
अंडिपट्टी के पास थेक्कमपट्टी स्थित जिला कारागार से 26 अक्टूबर को 17 कैदी सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने हालांकि 36 घंटे के भीतर सभी को पकड़ लिया था।
कैदियों की गिरफ्तारी के लिए चलाये गये अभियान के दौरान मदुरै निवासी मीनाक्षीसुंदरम और उसके भाई तिरुपति को पुलिस ने गोली मार दी थी।
वीडियो में मीनाक्षीसुंदरम ने आरोप लगाया कि जेल के अंदर कैदियों को बुरी तरह पीटा जाता था और उन्हें खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जाता था, इसी वजह से कैदियों ने जेल से भागने का फैसला किया।
उसने मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए दावा किया कि जेल अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई इसलिए उसने सीधे अदालत में आत्मसमर्पण करने के इरादे से जेल से भागने का फैसला किया।
मीनाक्षीसुंदरम ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मुठभेड़ में उसकी हत्या करने की साजिश रची थी।
उसने दावा किया कि उसका भाई इस घटना से किसी भी तरह जुड़ा नहीं था।
मीनाक्षीसुंदरम ने अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सुधरा हुआ जीवन जीने की इच्छा जताते हुए वीडियो में दावा किया कि कुल 21 कैदी जेल से फरार हुए थे।
उसका यह दावा आधिकारिक आंकड़े 17 से अलग है, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है।
पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के समन्वय से प्रशिक्षित कैदियों द्वारा चौबीसों घंटे संचालित किए जाने वाले 11 पेट्रोल पंपों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
वर्ष 2019 से मार्च 2026 के बीच जेलों द्वारा संचालित इन पेट्रोल पंपों से राज्य के राजकोष को करीब 55 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
इसके अलावा, कैदियों द्वारा संचालित बाजारों को भी बंद कर दिया गया है।
भाषा जितेंद्र माधव
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