जयपुर, 25 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विद्यार्थियों के संघर्ष, न्याय एवं सत्य की जीत बताया।
कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘यह भारत के विद्यार्थियों के संघर्ष, न्याय और सत्य की जीत है। जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से ज्यादा संघर्ष, लाठियां खाने, बर्बरता सहने और सड़कों पर डटे रहने वाले भारत के युवाओं की हुंकार के आगे आखिरकार देश की बहरी मोदी सरकार को झुकना ही पड़ा।’’
डोटासरा के अनुसार प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि जनशक्ति के आगे तानाशाही नहीं टिक सकती।
उन्होंने कहा कि युवाओं के न्याय की इस लड़ाई में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज बनकर जो डटकर संघर्ष किया, आज उस न्याय की भी जीत हुई है।
प्रधान ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए ‘व्यक्तिगत प्रतिष्ठा’ का मामला नहीं है।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा स्वीकार होना चाहिए। जिन बच्चों पर लाठीचार्ज हुआ, बर्बरता की गई, उनसे तथा जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके माता-पिता से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।’’
उन्होंने कांग्रेस के ‘‘छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे पहले देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी राहुल गांधी ने ही उठाई थी।
जूली ने कहा कि लंबे समय तक देश के युवाओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और आखिरकार सरकार को देश के युवाओं की ताकत के सामने झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह युवाओं की जीत है, छात्रों की जीत है कि पहली बार किसी मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
राजकुमार
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.