नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात 26वें दिन अपना अनशन खत्म कर दिया. यह फैसला केंद्र सरकार के साथ सहमति बनने के बाद लिया गया. इसी बीच सरकार ने भी नीट पेपर लीक विवाद पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कई भरोसे दिए और पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को सख्त सजा देने वाला कानून लाने का प्रस्ताव रखा.
वांगचुक के अनशन खत्म करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक के बलिदान ने पूरे देश की अंतरात्मा को जगा दिया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि सीजेपी का आंदोलन जारी रहेगा.
दीपके ने एक्स पर लिखा, “हमें राहत है और हम सोनम सर के आभारी हैं कि उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म किया. सर, आपके असाधारण साहस और बलिदान के लिए धन्यवाद. आपने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरे देश की अंतरात्मा को जगा दिया. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा.”
We are relieved and grateful that Sonam sir has ended his hunger strike after 26 days.
Thank you, sir, for your extraordinary courage and sacrifice. By putting your own life on the line, you awakened the conscience of an entire nation. Your life is far too precious to this…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 23, 2026
सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और एपेक्स बॉडी ऑफ लेह-लद्दाख के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा.
वांगचुक ने एक्स पर लिखा, “मैंने आखिरकार 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया. इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसद मुझसे मिलने आए थे या उन्होंने मुझे अनशन खत्म करने की अपील करते हुए पत्र लिखे थे. कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए यह फैसला लिया गया.”
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… pic.twitter.com/RFCet7Oksy
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
वांगचुक ने अपने समर्थकों से भी अपील की कि देश में कहीं भी हिंसा न होने दें.
वांगचुक के ऐलान से कुछ ही देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक विवाद पर अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का कानून तैयार कर रही है.
गुरुवार देर रात जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने दिन में अधिकारियों को परीक्षा पेपर लीक से निपटने के उपाय तैयार करने का निर्देश दिया था और अब उन्हें इसका मसौदा मिल गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए “बहुत बड़ी चिंता और दुख का विषय” है. उन्होंने बताया कि इस कानून के मसौदे को शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा और अगले हफ्ते ही इसे संसद में पेश किया जा सकता है.
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो. उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख उम्मीदवारों की परीक्षाएं कम समय में कराई गईं और 19 जुलाई को उनके नतीजे घोषित किए गए. उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
सरकार ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें बताया गया कि वांगचुक के अनशन खत्म करने से पहले उन्हें क्या-क्या भरोसे दिए गए. सरकार ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है. साथ ही, संसद में NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर विस्तार से चर्चा कराने का भरोसा दिया गया है. सरकार पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार कर रही है.
इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने लिखा था, “हमारे युवाओं का भविष्य और उनका हित सबसे महत्वपूर्ण है.” इसी के साथ उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया.
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को “किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान को खारिज करते हुए कहा कि इसमें प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग को नजरअंदाज किया गया है.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “मोदी जी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. आधी रात का यह कमजोर वीडियो जारी कर उनकी समझ का अपमान मत कीजिए.” उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सरकार से छात्रों से माफी मांगने की मांग की.
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise https://t.co/7SLB6pQqZx— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
गुरुवार को ही कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया. उन्होंने विनीत जोशी की जगह ली है, जिन्हें पंचायती राज विभाग का सचिव बनाया गया है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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