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Thursday, 23 July, 2026
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थप्पड़ वीडियो: दिल्ली पुलिस ने माना कि एडिशनल DCP ‘आपा खो गए’, जंतर-मंतर ड्यूटी से हटाया गया

सोमवार को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा की आलोचना हो रही है.

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नई दिल्ली: सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जारी प्रदर्शन के दौरान एक महिला को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के एक एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) की आलोचना हो रही है.

नॉर्थ ईस्ट जिले में तैनात एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को सीजेपी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के ‘संसद मार्च’ के दौरान कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर लगाया गया था. सोशल मीडिया पर वायरल हुए 36 सेकंड के वीडियो में लांबा संसद परिसर के पास एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं.

अब उन्हें जंतर-मंतर की ड्यूटी से हटा दिया गया है और अपने जिले में रिपोर्ट करने को कहा गया है.

2011 बैच के दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी लांबा पुलिस विभाग में एक अच्छे जांच अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं. उन्हें 2021 में बेहतरीन जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पदक भी मिला था.

वह 2024 में फिर से दिल्ली कैडर में लौटे और तब से नॉर्थ ईस्ट जिले में तैनात हैं. इससे पहले वह लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) के पद पर भी रहे हैं.

इस मामले पर टिप्पणी के लिए संपर्क करने पर दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी रैंक के अधिकारी ने कहा कि यह घटना “अचानक गुस्से में” हुई और बाद में अधिकारी को भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान तय नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई.

डीसीपी रैंक के अधिकारी ने कहा, “महिला के हाथ में नाखून जैसी कोई चीज़ थी और अधिकारी के बार-बार कहने के बावजूद वह वहां से नहीं हट रही थी. उसके हाथ में नाखून जैसी चीज थी और वह अधिकारी से बहस कर रही थी.”

उन्होंने आगे कहा, “अधिकारी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ऐसा कर दिया. उन्हें महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए कहा गया है.”

इस बीच, कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में दिखाई देने को लेकर भी सवालों के घेरे में आ गए. सोशल मीडिया पर इसकी काफी आलोचना हुई. हालांकि, पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की कि वे पुलिस की विशेष टीम के जवान थे.

विवाद के बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार को अपने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे वर्दी, नेम बैज और सभी जरूरी पहचान चिन्हों के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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