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Thursday, 23 April, 2026
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एसआईआई ने डीसीजीआई से गर्भाशय कैंसर रोधी स्वदेशी टीके के लिए विपणन मंजूरी मांगी

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नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने देश के दवा नियामक से गर्भाशय (सर्विकल) कैंसर रोधी स्वदेशी टीका ‘क्यूएचपीवी’ को बनाने के लिए विपणन मंजूरी मांगी है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि एसआईआई ने भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से भारत के पहले क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन (क्यूएचपीवी) के निर्माण के लिए विपणन मंजूरी मांगी है।

उन्होंने कहा कि पुणे स्थित कंपनी ने देश में इसकी शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग के समर्थन से दूसरे और तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण पूरा करने के बाद विपणन मंजूरी के लिए आवेदन किया है।

एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने डीसीजीआई को दिये आवेदन में कहा कि टीके ने मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया दिखाई है और यह सभी लक्षित एचपीवी प्रकारों और सभी खुराक और आयु समूहों में आधार रेखा (बेसलाइन) के मुकाबले लगभग एक हजार गुना अधिक है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि हर साल लाखों महिलाओं को गर्भाशय का कैंसर होता है और इस मामले में मृत्यु दर बहुत अधिक है। भारत में गर्भाशय कैंसर 15 साल से 44 साल आयुवर्ग की महिलाओं में दूसरा सबसे अधिक होने वाला कैंसर है।

इसमें कहा गया है, ‘‘वर्तमान में हमारा देश गर्भाशय कैंसर के टीके के लिए पूरी तरह से विदेशी निर्माताओं पर निर्भर है, हमारे देश के नागरिक इन टीकों को बहुत अधिक कीमत पर खरीदने के लिए बाध्य हैं।’’

आवेदन में कहा गया है, ‘‘ हम एसआईआई के सीईओ अदार सी पूनावाला के नेतृत्व में देश और दुनिया के लोगों के लिए सस्ती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले ‘मेड इन इंडिया’ टीके उपलब्ध कराने का हमारा हमेशा से प्रयास रहा है।’’

भाषा

देवेंद्र प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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