मैसुरु (कर्नाटक), 19 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को मैसुरु जिले की वरुणा विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उनका आखिरी चुनाव है और उन्होंने एक तरह से अपने उत्तराधिकारियों को आगे लाने का संकेत दिया।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया (75)ने संकेत दिया कि उनके बेटे और पौत्र उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा अंतिम चुनाव है, उसके बाद यतींद्र (पुत्र) और धवन राकेश (पौत्र) हैं।’’
सिद्धरमैया के बेटे डॉ यतींद्र सिद्धरमैया वरुणा से मौजूदा कांग्रेस विधायक हैं।
आठ बार विधायक रह चुके सिद्धरमैया वरुणा से दो बार चुनाव जीत चुके हैं और 2008 में यहां से जीत हासिल करने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। वह 2013 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री बने थे।
सिद्धरमैया ने नामांकन दाखिल करने से पहले विभिन्न मंदिरों में दर्शन किये।
उन्होंने मैसुरु की चामुंडी पहाड़ियों पर प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर में भी दर्शन किये और एक जनसभा को संबोधित किया।
खुद को ‘माटी का लाल’ बताते हुए सिद्धरमैया ने जनसभा में कहा कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव लड़ने के बाद वह चुनावी राजनीति से संन्यास ले लेंगे, राजनीति से नहीं।
सिद्धरमैया ने जब अपने दिवंगत बड़े बेटे राकेश सिद्धरमैया के पुत्र धवन राकेश का नाम लिया तो भीड़ ने नारे लगाना शुरू कर दिया।
भीड़ के शोर के बीच सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राजनीति में आने के लिए उन्हें 25 साल का होना चाहिए। अभी आठ साल हैं। उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है। पढ़ाई पूरी करने के बाद ही राजनीति होगी। उसके लिए आपका वही प्यार और लगाव है जो राकेश के लिए था। वह यहां बहुत लोकप्रिय था।’’
भारतीय जनता पार्टी ने निवर्तमान सरकार में मंत्री वी सोमन्ना को वरुणा से सिद्धरमैया के विरुद्ध उतारा है।
भाषा वैभव माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.