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Tuesday, 20 October, 2026
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पंजाब पहुंचे शाह, नशे के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले बटाला के व्यक्ति के परिजनों से मिले

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चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गुरदासपुर में 40 वर्षीय उस व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की जिसकी मौत कथित तौर पर नशे की समस्या से जुड़ी एक घटना में हुई थी।

शाह पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा के अपने एक दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वह राज्य में नशे की समस्या से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।

शाह का हेलीकॉप्टर बटाला में उतरा जिसके बाद वह सीधे मारी पनवां गांव पहुंचे जहां उन्होंने 15 अक्टूबर को मारे गए बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की।

गांव के लोगों ने दावा किया कि बिक्रमजीत को अपने इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि यह हत्या दो समूहों के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।

बिक्रमजीत के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि शाह ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

परिवार के सदस्य ने कहा, ‘‘हमने मामले में न्याय की मांग की। उन्होंने हमारी मांगों का ज्ञापन पढ़ा और अपने साथ ले गए। उन्होंने हमारी बात धैर्यपूर्वक सुनी।’’

बिक्रमजीत के चाचा गुरनाम सिंह ने कहा कि शाह ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया और दोहराया कि दिसंबर 2029 तक नशे की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।

शर्मा ने कहा कि परिवार के सदस्य ने शाह से कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय की कोई उम्मीद नहीं है।

बटाला में शाह के साथ भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी मौजूद थे।

शाह के पंजाब दौरे से पहले तीन जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

उन्होंने रविवार को कहा था कि वह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जिलों में हाल में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।

बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात के बाद शाह संगरूर जिले जाएंगे जहां वह दलित व्यक्ति गुलजार सिंह के परिवार से मिलेंगे। तुरबंजारा गांव के निवासी गुलजार ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी।

उनके परिवार ने आरोप लगाया कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया।

इसके बाद शाह मानसा जाएंगे जहां वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने हत्या कर दी थी।

झोटा के पिता भीम सिंह ने सोमवार को कहा था कि शाह से मुलाकात के दौरान वह अपने बेटे की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग उठाएंगे।

वह दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

दवा दुकान में एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल करने के बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी थी। कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।

घटना उस वक्त हुई जब झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।

शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है।

पिछले 20 दिनों में यह शाह का दूसरा पंजाब दौरा है। इससे पहले उन्होंने 30 सितंबर को जालंधर का दौरा किया था और भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन पर एक रैली को संबोधित किया था।

शाह दशहरा के अवसर पर लुधियाना के डेरेसी मैदान में ‘रावण दहन’ समारोह में भी शामिल होंगे।

भाजपा समेत विपक्षी दल पंजाब में नशे की समस्या को लेकर ‘आप’ सरकार को निशाना बनाते रहे हैं। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

शाह के दौरे से पहले पंजाब में सत्तारूढ़ ‘आप’ ने केंद्रीय गृह मंत्री की आलोचना की। पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने शाह से राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पाकिस्तान से पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी और गुजरात के एक बंदरगाह से मादक पदार्थों की आपूर्ति के मुद्दे पर जवाब देने को कहा।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी गैंगस्टरवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली के मुद्दों पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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