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Tuesday, 20 October, 2026
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मुंबई से सूरत, फिर जयपुर ट्रेन: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के 3 आरोपी ऐसे हुए गिरफ्तार

कोटा के एसपी के मुताबिक, तीनों का इरादा सड़क के रास्ते दिल्ली जाने और फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागने का था.

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नई दिल्ली: रविवार शाम को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कई गोलियां चलाने के बाद, जुहू में पुष्पा पार्क के पास जेवीपीडी ग्राउंड के बाहर से भागे तीनों आरोपियों ने सबसे पहले मुंबई के उत्तरी इलाके में स्थित कांदिवली स्टेशन तक ट्रेन पकड़ी. इसके बाद वे सड़क के रास्ते गुजरात के सूरत पहुंचे. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है.

इसके बाद सूरत और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के पहले जनरल डिब्बे में ढूंढ निकाला. इसके बाद कोटा पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

सोमवार सुबह तक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के भागने का रास्ता पता लगा लिया था. उसने राजस्थान की ओर ट्रेन से उनकी यात्रा के बारे में वहां की पुलिस को जानकारी दी.

गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “हमने मिली जानकारी के आधार पर काम किया और ट्रेन के जरिए तीनों की आवाजाही का पता लगाया.”

अधिकारी ने कहा, “उस एक्सप्रेस ट्रेन में सिर्फ दो जनरल डिब्बे हैं. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों को इंजन की तरफ वाले पहले जनरल डिब्बे में चढ़ने के लिए तेजी से जाते हुए देखा गया.”

मुंबई पुलिस ने तीनों की मोटरसाइकिल का पता अंधेरी रेलवे स्टेशन तक लगा लिया था. इन आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले रेहान और फूल सिंह और बिहार के बेगूसराय के रहने वाले ऋतिक कुमार के रूप में हुई है.

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “वे ट्रेन से कांदिवली गए और फिर एक कैब बुक करने वाले ऐप के जरिए टैक्सी लेकर सूरत पहुंचे. इसके बाद उन्होंने सूरत से जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी.” अधिकारी ने कहा, “कैब ड्राइवर को की गई कॉल जांच में पहली बड़ी कामयाबी साबित हुई.”

हालांकि, पुलिस को जानकारी मिलने तक तीनों सूरत स्टेशन से निकल चुके थे. इसलिए यह जानकारी आगे कोटा पुलिस को दी गई.

कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें सुबह ट्रेन के आने से कुछ ही समय पहले उस खास ट्रेन में उनकी मौजूदगी की जानकारी मिली. हमारी टीम को तीनों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में सिर्फ 15 मिनट लगे.”

कोटा के एसपी के मुताबिक, तीनों का इरादा सड़क के रास्ते दिल्ली जाने और फिर अपराध के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागने का था.

तेजस्विनी गौतम ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक, तीनों में रेहान मुख्य आरोपी था. वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अमेरिका में रहने वाले एक साथी के संपर्क में था. बताया जाता है कि इस साथी ने टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी ली है.

उन्होंने आगे कहा, “रेहान अनिल पंडित के संपर्क में था. उसी ने अपने जिले के दूसरे आरोपियों को इस काम के लिए तैयार किया. वह करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचा था. उसने ऋतिक को भी इस काम में शामिल किया, जो पहले से ही मुंबई में रह रहा था.”

अब तक हुई जांच के मुताबिक, तीनों को इस अपराध के लिए 35,000 रुपये और विदेश में बसने के मौके देने का वादा किया गया था, ताकि वे इस काम के लिए तैयार हो जाएं.

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) राज तिलक रौशन ने कहा कि जांच के लिए क्राइम ब्रांच की 20 खास टीमें लगाई गई थीं. इन टीमों ने अपराध वाली जगह की सभी सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा.

उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी पश्चिम स्टेशन से बरामद की गई. मोटरसाइकिल के मालिक से पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को सूरत जाने की उनकी योजना के बारे में जानकारी मिली.

मुंबई में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डिटेक्शन) तिलक राज रौशन | खास इंतजाम से

रौशन ने आगे बताया कि तीनों उस फुटबॉल ग्राउंड के बाहर करीब 15 मिनट तक इंतजार करते रहे, जहां टाइगर श्रॉफ अक्सर आते थे. वे हमले के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे थे.

उन्होंने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है, लेकिन तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा.

जब उनसे जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से सोशल मीडिया पर किए गए उस पोस्ट के बारे में पूछा गया, जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ‘पहले दी गई चेतावनी’ का जिक्र था, तो रौशन ने कहा कि मुंबई पुलिस को अभिनेता या उनके परिवार की ओर से किसी भी तरह की धमकी मिलने की कोई जानकारी नहीं थी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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