इंफाल, 23 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के कांगपोकपी जिले में चार दिन पहले की गई मेइती समुदाय के तीन लोगों की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तलाश अभियान जारी है।
मंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों ने उन उग्रवादी संगठनों के एक शिविर पर भी छापा मारा है, जिन्होंने ‘अभियान स्थगन’ (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
सोमवार को सुनुरोक पहाड़ियों में हुई इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोंथौजम ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘‘सुनुरोक पहाड़ियों में हाल में तीन युवकों की हत्या के मामले में अभियान जारी है। कोबरा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कांगपोकपी में सिनाई शिविर पर छापा मारा, जहां 18 लोग मौजूद थे। यह शिविर उन संगठनों के लिए निर्धारित है, जिन्होंने अभियान स्थगन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।’’
मंत्री ने बताया कि इन 18 लोगों में से एक की पहचान एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कुकी उग्रवादी संगठन के सदस्य के रूप में हुई है, जबकि अन्य लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
‘अभियान स्थगन’ (एसओओ) केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कई कुकी एवं जोमी उग्रवादी संगठनों के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता है। राज्य में इस समझौते के तहत कम से कम 14 निर्धारित शिविर हैं।
कोंथौजम ने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनमें से एक के प्रतिबंधित संगठन केएनएफ (एन) का सदस्य होने का संदेह है।’’
मंत्री ने कहा कि तलाश अभियान ‘‘केवल कुकी संगठनों के शिविरों में ही नहीं, बल्कि मेइती और नगा संगठनों के शिविरों में भी’’ जारी रहेगा।
कोंथौजम ने पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने के दौरान सुरक्षा बलों के सामने आने वाली कठिनाइयों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास कर रही है।’’
घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
हाल के महीनों में कुकी और नगा समुदायों के बीच भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा
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