मुंबई, 24 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भाजपा को बदनाम करने का ‘‘ठेका’’ देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से एक ऑडियो क्लिप तैयार की, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ दिए जाने का जिक्र है।
इसने दावा किया कि इस कथित साजिश का उद्देश्य भाजपा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और जरांगे के बीच मतभेद पैदा करना था, ताकि कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को राजनीतिक फायदा मिल सके।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने जरूरत पड़ने पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज कराने और इस बात की जांच किए जाने की मांग की कि क्या इस कथित साजिश के लिए उन्हें राहुल गांधी से धन मिला था।
बान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी स्थित एक ‘वॉर रूम’ से इस साजिश को अंजाम दिया। राउत ने भाजपा को बदनाम करने का राहुल गांधी से ठेका लिया है। पिछले कुछ दिनों से वह राहुल गांधी के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप को तैयार करने में लगे थे और उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध आवाज के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर इसे तैयार किया।
बान ने कहा, ‘‘राउत ने ‘सामना’ अखबार के कार्यालय में कथित बातचीत की पटकथा तैयार की थी। शुरुआत में उन्होंने 100 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप लगाने पर विचार किया था, लेकिन मीडिया का अधिक ध्यान आकर्षित करने के लिए बाद में यह राशि बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी।’’
बान ने आरोप लगाया कि बाद में यह ऑडियो क्लिप छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति को सौंपी गई, जिसने इसे जरांगे तक पहुंचाया।
उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप को भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब करने तथा उनके बीच टकराव पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
इस मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के शुक्रवार को आदेश दिए, जबकि जरांगे ने विशेष जांच दल (एसआईटी) से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
इससे पहले शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से ‘‘खत्म’’ करने के लिए जरांगे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इस बीच, बान और भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने अलग-अलग दावा किया कि फडणवीस ने मामले की जांच एसआईटी से कराने का आदेश दिया है।
जरांगे ने बृहस्पतिवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने जरांगे को उनके इस आरोप को साबित करने की चुनौती दी थी कि शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए और यह रकम अपने बेटे एवं सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाई थी। इसके बाद जरांगे ने ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी।
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस ऑडियो क्लिप में एक महिला कथित तौर पर यह दावा करती सुनाई देती है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे।
बान ने कहा कि फडणवीस ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की घोषणा की है, लेकिन जांचकर्ताओं को विशेष रूप से राउत की कथित भूमिका और ‘वॉर रूम’ की गतिविधियों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की तत्काल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध करूंगा। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या इस कथित साजिश के लिए राउत को राहुल गांधी से धन मिला था।’’
बान ने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप से केवल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को फायदा होगा, जबकि भाजपा, शिंदे और जरांगे की छवि को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि जरांगे ने खुद एसआईटी से जांच कराने की मांग की है, क्योंकि उन्हें भी ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर भरोसा नहीं है।
लाड ने राउत को इस मामले में मुख्य आरोपी और ‘‘साजिशकर्ता’’ बनाए जाने की मांग की।
लाड ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और सबसे पहले संजय राउत को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता चला कि ऑडियो क्लिप किस तरह तैयार की गई, इसे किसने बनाया और इसे तैयार करने के लिए क्या-क्या किया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संजय राउत ने ऑडियो क्लिप की पटकथा लिखी थी और यह तय किया था कि कौन क्या बोलेगा और किस तरह बोलेगा। आवाजें एआई की मदद से तैयार की गई थीं। ’
भाजपा के विधान परिषद सदस्य ने कहा कि वह फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, राज्य के पुलिस महानिदेशक तथा गृह राज्य मंत्री को पत्र लिखकर एसआईटी से राउत से पूछताछ करने का अनुरोध करेंगे।
लाड ने ‘सामना’ के स्टूडियो की जांच और ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन के आरोप की जांच की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि एसआईटी इस मामले की जांच करेगी और फॉरेंसिक जांच से सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईटी का गठन किया जा चुका है।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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