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Sunday, 19 April, 2026
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बर्खास्त शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग करते हुए बंगाल विधानसभा तक मार्च निकाला

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कोलकाता, 16 जून (भाषा) एसएससी भर्ती संकट को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन तेज हो गया, क्योंकि बर्खास्त शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के एक बड़े समूह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की मांग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला।

एक समूह ने सुबोध मलिक स्क्वायर से विधानसभा तक मार्च निकाला, जबकि दूसरा गुट शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु को ज्ञापन सौंपने के लिए राज्य शिक्षा विभाग मुख्यालय विकास भवन की ओर बढ़ा।

प्रदर्शनकारियों में से कई एसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण अपनी नौकरी खो चुके हैं। उन्होंने न्याय और बहाली की मांग करते हुए शहर में मार्च करते हुए पारंपरिक ढोल बजाए।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ‘डिजर्विंग टीचर्स राइट फोरम’ के एक सदस्य ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ‘हमें नयी भर्ती परीक्षा में बैठने के लिए कहकर राज्य सरकार ने वस्तुतः उन पात्र शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए मौत के वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश द्वारा अमान्य कर दिया गया था।’

पिछले महीने मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार नए सिरे से शिक्षक भर्ती शुरू करेगी, साथ ही उन्होंने बर्खास्त उम्मीदवारों को बहाल करने के लिए समीक्षा याचिका भी दायर की थी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि नयी चयन प्रक्रिया में सभी बर्खास्त कर्मचारियों को आयु में छूट तथा पूर्व कार्य अनुभव को महत्व दिया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय ने तीन अप्रैल के अपने फैसले में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला देते हुए 25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं।

पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनकारी सेंट्रल पार्क में भी धरना दे रहे हैं, जिससे उनका आंदोलन और तेज हो गया है।

भाषा

शुभम रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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