इंफाल, 10 मार्च (भाषा) मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए बजट में निर्धारित 734 करोड़ रुपये की राशि उनके नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।
सिंह ने वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान पर चर्चा के दौरान विधानसभा में कहा कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) को हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देना राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आईडीपी के कल्याण के लिए बजट में आवंटित 734 करोड़ रुपये पर्याप्त नहीं हैं। हिंसा में उनके कई घर, संपत्तियां, वाहन और व्यावसायिक गतिविधियां नष्ट हो गई हैं।’’
सिंह ने यह भी पूछा कि राज्य की 3.5 लाख महिलाओं के लिए एक योजना के तहत बजट में निर्धारित 350 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किस प्रकार किया जाएगा।
उनके सवालों के जवाब में प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि आईडीपी के लिए 734 करोड़ रुपये पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन यह राशि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के मुकाबले बढ़ाई गई है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि महिला सशक्तीकरण योजना से संबंधित अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया चालू है।
मणिपुर सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए 734 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा था कि यह आवंटन राज्य में जातीय अशांति के कारण विस्थापित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से किया गया है।
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