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Saturday, 22 August, 2026
होमदेश‘अमीरों को आरक्षण की ज़रूरत नहीं’: जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ अब जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन

‘अमीरों को आरक्षण की ज़रूरत नहीं’: जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ अब जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन

‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ ने प्रदर्शन का आह्वान किया था. यह इंस्टाग्राम पेज UGC एक्ट और SC/ST एक्ट के खिलाफ अभियान चला रहा है और उसने समर्थकों से जंतर-मंतर पर जुटने को कहा था.

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नई दिल्ली: आरक्षण हटाओ आंदोलन से जुड़े 300 से ज्यादा लोग—यह एक इंस्टाग्राम पेज है जो UGC एक्ट और SC/ST एक्ट के खिलाफ अभियान चला रहा है—शुक्रवार दोपहर जंतर-मंतर पर जुटे. ऑनलाइन चल रहा यह अभियान अब सड़कों पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के रूप में दिखाई दिया.

इंस्टाग्राम पर 5.6 मिलियन फॉलोअर्स वाले इस अभियान ने इससे पहले समर्थकों से 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की थी.

पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.

बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और कई दूसरे राज्यों से प्रदर्शनकारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. इनमें से ज्यादातर ने कहा कि आरक्षण हटा दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शाम 4 बजे तक रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी. ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ ने एक्स पर दिल्ली पुलिस को जवाब देते हुए कहा, “जंतर-मंतर के लिए एक महीने पहले अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रदर्शन के दिन दोपहर 12 बजे अचानक जगह बदलकर रामलीला मैदान कर दी गई और संख्या 500 तय कर दी गई.”

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदर्शन सिर्फ जंतर-मंतर पर ही होगा. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “हम कहीं नहीं जाएंगे. हम अपनी मांगें शांतिपूर्वक उठाएंगे और किसी भी पुलिस दल के काम में रुकावट नहीं डालेंगे.”

प्रदर्शनकारियों में बिहार के चंपारण के रहने वाले 26 साल के प्रत्युष गौर भी शामिल थे. गौर ने दिप्रिंट से कहा, “आरक्षण के कानून लोगों पर लागू किए जा रहे हैं. इसकी वजह से सामान्य जाति के उन उम्मीदवारों पर विचार नहीं किया जा रहा, जिन्होंने बेहतर अंक हासिल किए हैं और जो सरकारी नौकरशाही की परीक्षाओं के लिए योग्य हैं.” गौर इंस्टाग्राम पर शेयर की गई पोस्ट के बारे में पता चलने के बाद प्रदर्शन में शामिल हुए थे.

गौर ने हाल ही में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था. यह प्रदर्शन जुलाई में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था.

गौर ने कहा, “हमें नहीं पता कि यह प्रदर्शन CJP जितना लंबा चलेगा या नहीं, लेकिन हम अपनी जगह पर टिके रहेंगे. ऐसा लगता है कि अब सरकार लोगों की बात तभी सुनेगी, जब वे प्रदर्शन करेंगे. यह सही नहीं है. जब बाकी सभी तरीके काम नहीं करते, तब प्रदर्शन होते हैं. हमें बार-बार प्रदर्शन नहीं करना चाहिए.”

“मुझे लगता है कि सरकार धर्म, जाति और समुदायों पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रही है और उन असली समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है, जिनका हम सामना कर रहे हैं.”

महंगाई और बेरोजगारी

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के 32 साल के कारोबारी रोशन सिंह का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की ज़रूरत है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत लोगों द्वारा अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने से होनी चाहिए.

सिंह ने कहा, “ऐसे बहुत से नेता हैं, जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजते. वे निजी स्कूलों या विदेश में पढ़ते हैं. …हमें स्कूलों में जाकर देखना होगा, बदलाव वहीं से शुरू होता है. CJP ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया. वे रील बनाने और सुरक्षा बलों को गालियां देने में व्यस्त थे. हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और हम सिर्फ जवाब चाहते हैं.”

कर्नाटक के अलोकेश्वर और बिहार के उनके दोस्त विद्या भूषण जैसे कुछ दूसरे लोगों का मानना है कि आरक्षण के फायदे और नुकसान दोनों हैं.

भूषण ने कहा, “अमीर लोगों को आरक्षण की ज़रूरत नहीं है. कम आय वाले लोगों को इसकी ज्यादा जरूरत है. यह न्यायपूर्ण होना चाहिए. लेकिन SC, ST या OBC समुदायों के कितने लोग दूसरे क्षेत्रों में हैं? जैसे मीडिया में? या अकादमिक क्षेत्र में? फिर सरकारी नौकरियों में यह आरक्षण क्यों लागू किया जा रहा है.”

“सरकार को आरक्षण के बुनियादी मानदंड पूरे करने की जरूरत है. वंचित समुदायों के लोगों को अवसर मिलना चाहिए और उन्हें यह मिलना भी चाहिए, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.”

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर के आसपास महत्वपूर्ण जगहों पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है और बिना अनुमति किसी भी भीड़ को जुटने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहे थे और इलाके में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कड़ी निगरानी रखी जा रही है और बिना पहले से अनुमति के किसी भी तरह की भीड़ जुटने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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