बिजनौर (उप्र), 18 अक्टूबर (भाषा) बिजनौर जिले में धामपुर क्षेत्र के एक गांव में एक मुस्लिम बुजुर्ग महिला के निधन पर ग्रामीणों ने रामलीला स्थगित कर दी और सांप्रदायिक सौहार्द तथा आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को मोहड़ा गांव में रामलीला का आयोजन हो रहा था। इसी दौरान गांव निवासी चिकित्सक डॉक्टर जाकिर की 85 वर्षीय मां गफूरन की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि गफूरन को उपचार के लिए धामपुर में एक चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से लौटने के बाद शाम को उनका निधन हो गया।
ग्राम प्रधान ऋषि चौहान ने रविवार को बताया कि गफूरन उनके लिए बुआ के समान थीं और उनके निधन की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
चौहान के अनुसार गफूरन के निधन के बाद आदर्श रामलीला समिति ने शोक व्यक्त करते हुए रामलीला का मंचन स्थगित करने का निर्णय लिया।
समिति के इस फैसले को ग्रामीणों ने आपसी सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं का सम्मान करने वाला कदम बताया।
गफूरन के बेटे डॉक्टर जाकिर और गांव के अन्य लोगों ने भी रामलीला स्थगित करने के फैसले की सराहना करते हुए इसे सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बताया।
ग्रामीणों के अनुसार, किसी परिवार में शोक के समय उसके साथ खड़े होना और दुख की घड़ी में संवेदनशीलता दिखाना सामाजिक एकता की पहचान है। रामलीला जैसे धार्मिक आयोजन को स्थगित करने का निर्णय इसी भावना को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का उद्देश्य केवल परंपराओं का निर्वाह करना नहीं बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना भी है।
भाषा सं. सलीम सिम्मी शोभना
शोभना
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.