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Saturday, 17 October, 2026
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कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की दिल्ली पुलिस से अनुमति मिली

30 सितंबर को INDIA गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर मिलकर काम करने की योजना तय की थी. इसमें रैलियां और ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ शामिल थे.

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति दे दी है और इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी जारी कर दिया है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

30 सितंबर को INDIA गठबंधन ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर मिलकर काम करने की योजना तय की थी. इसमें रैलियां और ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ शामिल थे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि सभी दल इस बात पर सहमत हैं कि चुनाव ईवीएम के बजाय मतपत्रों से कराए जाने चाहिए. इसके बाद खरगे ने कहा था कि पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली करेगी.

उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की योजना बनाई है और इसके लिए जरूरी NOC के वास्ते दिल्ली पुलिस से संपर्क किया था. तय विरोध स्थल पर रैली करने के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि का NOC जारी किया गया है.”

पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था के उचित इंतजाम, यातायात का सही प्रबंधन और प्रस्तावित रैली को बिना किसी परेशानी के पूरा कराने के लिए दिल्ली पुलिस आयोजकों, यातायात पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है.

पिछले महीने INDIA गठबंधन की बैठक से कुछ दिन पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने खबर दी थी कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे.

SIR प्रक्रिया को लेकर अपने दो चुनाव आयुक्तों की ओर से आपत्तियां उठाए जाने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे चुनाव आयोग (EC) ने कहा है कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य बात हैं. आयोग ने यह भी कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरा कानूनी आधार हासिल है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं.

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