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Saturday, 17 October, 2026
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दिल्ली के प्रदर्शन बने ब्राउज़र गेम—‘भाग नेहा भाग’ में पुलिस से बचें, ‘लोकतंत्र’ के सिक्के बटोरें

आईटी पेशेवर सूरज कुशवाहा के 'जंतर-मंतर चलो' —जो दिल्ली के विरोध-प्रदर्शनों से प्रेरित एक व्यंग्यात्मक ब्राउज़र गेम है —से शुरू होकर, अब राजनीतिक गेमिंग की एक छोटी सी श्रेणी बन गई है.

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नई दिल्ली: विरोध प्रदर्शन अब सिर्फ बैरिकेड्स तक ही सीमित नहीं रह गया है. यह अब ब्राउजर की स्क्रीन पर भी जारी है, जहां खिलाड़ी पुलिसवालों से बचते हैं, सड़क पर लगे बैरिकेड्स को पार करते हैं और “लोकतंत्र” लिखे सिक्के इकट्ठा करते हैं.

आईटी प्रोफेशनल सूरज कुशवाह के “जंतर मंतर चलो” नाम के व्यंग्यात्मक ब्राउजर गेम से इसकी शुरुआत हुई थी. यह गेम दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित था. अब इसी से राजनीतिक गेम्स की एक छोटी-सी नई श्रेणी शुरू हो गई है.

डेवलपर्स विरोध प्रदर्शनों, हिरासत में लिए जाने और उनसे जुड़े विवादों को आर्केड स्टाइल वाले गेम्स में बदल रहे हैं. वे मोबाइल पर खेले जाने वाले मशहूर गेम्स के तरीकों का इस्तेमाल करके राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात इंटरनेट पर लोगों तक पहुंचा रहे हैं.

बैरिकेड्स से ब्राउजर गेम्स तक

सबसे ज्यादा शेयर किए जाने वाले गेम्स में से एक है “भाग नेहा भाग“, जिसे दो भाइयों अनव नायर और अक्षय नायर ने बनाया है. यह एक ऐसा गेम है, जिसमें खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ता रहता है. इसमें AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा एक खाकी और नारंगी रंग के कपड़े पहने व्यक्ति से बचती हैं, बैरिकेड्स के ऊपर से कूदती हैं और “लोकतंत्र” लिखे सिक्के इकट्ठा करती हैं.

इस गेम का तरीका “सबवे सर्फर्स” जैसे गेम्स से मिलता-जुलता है. वहीं, इसमें दिखाई गई चीजें नेहा बोरा के जंतर मंतर पहुंचने की कोशिशों और उन्हें बार-बार हिरासत में लिए जाने से जुड़ी हाल की खबरों की ओर इशारा करती हैं.

इन दोनों भाइयों ने “जंतर मंतर टू जेल” नाम का गेम भी बनाया है. इसमें खिलाड़ी कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों अभिजीत दीपके, सौरव दास या आशुतोष रांका में से किसी एक को चुनकर खेल सकते हैं. उन्हें ऊपर से गिरती जेल की सलाखों और पुलिसवालों से बचना होता है. साथ ही, उन्हें “जवाबदेही” और “लोकतंत्र” लिखे सिक्के भी इकट्ठा करने होते हैं.

इस गेम में बैरिकेड्स, पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक नारे रुकावटों के रूप में सामने आते हैं.

विरोध प्रदर्शन को गेम में बदलना

इस तरह के गेम्स की शुरुआत करने वाला गेम सूरज कुशवाह ने बनाया था. वह बरेली के रहने वाले 27 साल के आईटी प्रोफेशनल हैं. “जंतर मंतर चलो” में खिलाड़ी उन प्रदर्शनकारियों की भूमिका निभा सकते हैं, जो विरोध प्रदर्शन की जगह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. या फिर वे पुलिसवालों की भूमिका निभा सकते हैं, जो उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं.

प्रदर्शनकारियों के तौर पर खेलने वाले खिलाड़ी भीड़ इकट्ठा करते हैं, आंसू गैस और पानी की बौछारों से बचते हैं और बैरिकेड्स को पार करते हैं. पुलिस की भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी लाठियों का इस्तेमाल कर सकते हैं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले सकते हैं.

कुशवाह ने इस गेम को “डार्क ह्यूमर” बताया है. इसमें वीडियो गेम्स की भाषा का इस्तेमाल करके दिल्ली की सड़कों पर हो रही झड़पों पर व्यंग्य किया गया है.

सभी गेम्स एक ही पक्ष का समर्थन नहीं करते

सभी गेम्स में राजनीति को एक ही नजरिए से नहीं दिखाया गया है. “CJP, इट्स डन, ब्रो” उन गेम्स से अलग नजरिया पेश करता है, जो CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हैं.

इस गेम में खिलाड़ियों को बैरिकेड्स पार करने के बजाय राजनीतिक दावों वाले गुब्बारे फोड़ने होते हैं. “डेलुलु प्रो मैक्स” नाम के लेवल में डार्ट्स फेंकने होते हैं, “प्रोपेगैंडा” लिखी ढालों को तोड़ना होता है और आखिरी लेवल “अराजकता मैक्सिंग” में अफवाहों और तथ्यों की जांच करने वाली जानकारी के बीच अंतर पहचानना होता है.

इस गेम की टैगलाइन है, “बड़े-बड़े दावे. कोई सबूत नहीं. देखते हैं, आखिर में क्या बचता है.” इससे गेम का मकसद साफ हो जाता है.

सोशल मीडिया पर वायरल के लिए बनी राजनीति

ये गेम्स मुफ्त हैं, ब्राउजर पर खेले जा सकते हैं और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इनका प्रचार किया जाता है. डेवलपर्स के लिए यह तरीका राजनीतिक घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने का एक साधन है.

किसी विरोध प्रदर्शन को कुछ ही दिनों में एक गेम में बदला जा सकता है. उसकी सबसे मशहूर तस्वीरों और नारों को गेम के किरदारों, रुकावटों और स्कोर में बदल दिया जाता है. खिलाड़ियों के लिए इसे खेलना आसान और जाना-पहचाना अनुभव है: दौड़ना, कूदना, बचना, चीजें इकट्ठा करना और फिर से कोशिश करना.

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का दौर सोशल मीडिया तक फैलने के साथ ही यह मुकाबला अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है. यह ब्राउजर के टैब में भी जारी है, जहां खिलाड़ी एक-एक बैरिकेड पार करते हैं और एक-एक “लोकतंत्र” का सिक्का इकट्ठा करते हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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