लखनऊ: उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य द्वारा उन पर उत्पीड़न और उन्हें जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए वीडियो और ऑडियो क्लिप शेयर करने के एक दिन बाद उनके पति और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उत्तर प्रदेश इकाई के नेता पप्पू गिरधारी ने पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा आर्य ने भ्रष्टाचार के जरिए 210 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है.
बरेली निवासी गिरधारी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आर्य के विभाग में कथित भ्रष्टाचार और उनकी संपत्तियों की जांच के आदेश देने की मांग की है.
शुक्रवार को एक वीडियो में गिरधारी ने कहा कि वह जल्द ही उत्तराखंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और मंत्री की कथित तौर पर अवैध तरीके से जमा की गई संपत्तियों की जानकारी सामने रखेंगे. उन्होंने दावा किया कि आर्य का विभाग पिछले 10 साल से भ्रष्टाचार में शामिल रहा है और उन्होंने कई बार इस पर आपत्ति जताई थी.
गिरधारी ने यह भी कहा कि अगर उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो उन्हें सज़ा दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि बरेली में उनका बड़ा रियल एस्टेट कारोबार है और उन्हें अवैध तरीके से पैसा कमाने की कोई ज़रूरत नहीं है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने करीब 17 साल तक आर्य के राजनीतिक करियर में उनका साथ दिया, चुनावों के दौरान उनके लिए प्रचार किया और वोट मांगे. उन्होंने आगे दावा किया कि जब उन्होंने आर्य की चुनाव लड़ने में मदद करने के लिए उत्तराखंड जाने से इनकार कर दिया, उसके बाद दोनों के बीच रिश्ते खराब हो गए.
दिप्रिंट ने फोन के जरिए टिप्पणी के लिए आर्य और गिरधारी, दोनों से संपर्क किया. उनके जवाब मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट कर दिया जाएगा.
इसी वीडियो में गिरधारी ने आर्य पर अपने पूर्व मैनेजर के जरिए कथित तौर पर वसूली करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि आर्य और मैनेजर को मंत्री से जुड़े कुछ “राज” पता थे और बाद में मैनेजर को जेल भेज दिया गया. उन्होंने आर्य द्वारा जारी एक ऑडियो क्लिप को भी फर्जी बताया और आरोप लगाया कि इसे AI की मदद से बनाया गया है.
गिरधारी ने जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए धामी से अपील की. मुख्यमंत्री को अपना दोस्त और भाई जैसा बताते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी.
गिरधारी ने आर्य को ‘गोलू देवता’ की शपथ लेने की चुनौती दी. गोलू देवता उत्तराखंड में पूजे जाने वाले देवता हैं. उन्होंने आर्य से यह बताने को कहा कि क्या उन्होंने कभी उनके साथ गलत किया है. उन्होंने आर्य से अपने खिलाफ लगाए गए आरोप वापस लेने की भी मांग की.
अपनी एक कंपनी से इस्तीफा देने और उसमें शेयर रखने को लेकर उठ रहे सवालों पर गिरधारी ने दावा किया कि आर्य की भी उस कंपनी में हिस्सेदारी थी. उन्होंने कहा कि कंपनी के दस्तावेजों की जांच से यह मामला साफ हो जाएगा.
रेखा आर्य ने अपने वीडियो में क्या आरोप लगाए?
गिरधारी के ये आरोप आर्य द्वारा देहरादून के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद आए हैं.
मंत्री ने उन पर मारपीट, उत्पीड़न, उनके खिलाफ जातिसूचक गालियां देने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया. उनकी शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी ज़िक्र किया गया था और आरोप लगाया गया था कि इससे उनकी हत्या की साजिश का पता चलता है.
उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद आर्य ने फेसबुक पर एक वीडियो और कथित तौर पर अपने पति से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप शेयर की. उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग सुनने के बाद ही उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फैसला अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया.
आर्य के करीबी सूत्रों ने कहा कि इन घटनाओं के बाद मंत्री की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
महिलाओं को दिए एक संदेश में आर्य ने उनसे घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के बारे में चुप न रहने की अपील की. उन्होंने कहा, “चाहे कोई महिला आम हो या प्रभावशाली, उसे न तो घरेलू हिंसा सहनी चाहिए और न ही इसके बारे में चुप रहना चाहिए. उसे अपनी आवाज़ उठानी चाहिए.”
गिरधारी का विवादों से पुराना नाता
गिरधारी लाल साहू, जिन्हें पप्पू गिरधारी के नाम से भी जाना जाता है, बरेली के रहने वाले हैं और 1990 में वहां निर्दलीय नगर पार्षद रहे थे. इसके बाद गिरधारी कभी कोई चुनाव नहीं जीते, लेकिन वहां संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहे. बीजेपी की बरेली इकाई के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि रेखा आर्य और गिरधारी की शादी जुलाई 2004 में हुई थी. यह गिरधारी लाल की दूसरी शादी थी, जिसका जिक्र आर्य ने अपनी शिकायत में भी किया था.
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, गिरधारी की आर्य से मुलाकात तब हुई जब वह कारोबार से जुड़े काम के लिए उत्तराखंड गए थे. इसके बाद दोनों ने शादी कर ली.
बरेली में 1990 में एक जैन दंपति की हत्या के मामले में गिरधारी को आरोपी बनाया गया था.
गिरधारी से शादी करने के बाद रेखा आर्य ने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया. वह अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक हैं. यह सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. वह बीजेपी की नेता हैं और फिलहाल उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
सितंबर 2024 में रेखा आर्य ने कल्पना मिश्रा नाम की एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने दावा किया था कि वे उत्तराखंड सरकार की पट्टी और लाल-नीली बत्ती लगी एक गाड़ी का इस्तेमाल कर रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि कल्पना ने अपने आधार कार्ड और पासपोर्ट में गिरधारी का नाम और बरेली का उनका पता इस्तेमाल किया था. शिकायत में 7 लाख रुपये और सोने से जड़ी रुद्राक्ष की माला चोरी होने का भी आरोप लगाया गया था. कल्पना ने खुद को गिरधारी की कंपनी में मैनेजर बताया था. हालांकि, बरेली और देहरादून में दोनों के कथित संबंधों की खबरें भी सामने आई थीं.
इस साल जनवरी में गिरधारी का कथित बयान वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि बिहार में 20,000-25,000 रुपये में शादी के लिए लड़कियां उपलब्ध हैं. इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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