अयोध्या, 10 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के संबंध में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के रिश्तेदारों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि जांचकर्ता कथित चोरी के रुपयों के लेन-देन का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों के रिश्तेदारों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों के 50 से अधिक बैंक खातों की पहचान की है।
पुलिस टीमें बैंक लेनदेन, हाल के निवेश और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर चोरी किये गये रुपयों का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या निर्माण कार्यों में तो नहीं किया गया।
सूत्रों ने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य कथित गबन, संपत्ति की खरीद और निर्माण गतिविधियों के बीच धन के प्रवाह को स्थापित करना है।
सूत्रों के मुताबिक, अगर यह स्पष्ट हो जाता है तो कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूत आधार तैयार होगा, जिसमें ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
हालांकि, मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपियों से कथित तौर पर जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ किसी संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर शुक्रवार तक कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता आरोपियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा हाल में खरीदी गई अचल संपत्तियों की भी जांच कर रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने हाल में जमीन खरीदी थी और मकानों का निर्माण करा रहे थे।
पुलिस यह सत्यापित कर रही है कि इन निवेशों के लिए कथित तौर पर मंदिर की दान राशि का इस्तेमाल किया गया या नहीं।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस आगे की पूछताछ के लिए दो अन्य आरोपियों की भी हिरासत मांग सकती है।
इससे पहले अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की पुलिस रिमांड लेकर उनसे कथित गबन, नकदी के निपटान और अन्य संदिग्धों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की गई थी।
इस बीच, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को अयोध्या का दौरा किया और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की।
सूत्रों ने बताया कि वह राम मंदिर परिसर में जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे थे।
सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद यह उनका पहला दौरा था।
भाषा चंदन जफर जितेंद्र
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