नई दिल्ली: कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु, जिन्होंने आस्था के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, इस चोरी से खुद को “ठगा हुआ” महसूस कर रहे हैं.
संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने उनसे जवाबदेही तय करने और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की.
खड़गे ने रविवार को एक्स पर 18 जुलाई की तारीख वाले पत्र को साझा करते हुए लिखा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और पूरी जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को हमारा संयुक्त पत्र. लाखों श्रद्धालु जिन्होंने आस्था, भक्ति और विश्वास के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, इस चोरी से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.”
राम मंदिर में दिए गए चंदे की कथित चोरी का मामला जून के पहले हफ्ते में सामने आया था. अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है.
25 जून को पुलिस ने ट्रस्ट की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की और आठ लोगों को गिरफ्तार किया.
अपने पत्र में राहुल गांधी और खड़गे ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्होंने संसद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सभी सदस्यों की नियुक्ति उनकी सरकार ने ही की थी.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सबको पता है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, वीएचपी और उनके सहयोगी संगठनों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव भी प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी थे.
उन्होंने कहा, “इतने बड़े अपराध के सामने आपकी चुप्पी अब स्वीकार नहीं की जा सकती. जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है. हम आपसे मांग करते हैं कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की तुरंत स्वतंत्र और पूरी जांच कराई जाए, जिसमें नकद, सोना, चांदी सहित सभी चढ़ावे के प्रबंधन की जांच शामिल हो.”
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच के नतीजे और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाएं, ताकि हर श्रद्धालु को पता चल सके कि उनके दिए गए चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा, “जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, चाहे उनका पद या प्रभाव कुछ भी हो. आपकी सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी पारदर्शिता और तेजी से कार्रवाई करते हैं. भारत की जनता देख रही है. जय हिंद.”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी एक्स पर पत्र साझा करते हुए प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की.
रमेश ने अपनी पोस्ट में पत्र और संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा करते समय प्रधानमंत्री के भाषण का वीडियो साझा करते हुए कहा, “यह उचित ही है कि दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं ने प्रधानमंत्री को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंदा चोरी आस्था धोखा मामले पर पत्र लिखा है.”
उन्होंने कहा, “5 फरवरी 2020 को लोकसभा में अपनी दुर्लभ औपचारिक उपस्थिति के दौरान प्रधानमंत्री ने इस ट्रस्ट के गठन की घोषणा करते हुए पूरा श्रेय लिया था. इसी ट्रस्ट ने देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति को ठेस पहुंचाई है. प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ो.”
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