मुंबई, 23 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के राज्य सरकार के फैसले की शुक्रवार को आलोचना करते हुए इसे अपर्याप्त बताया।
ठाकरे ने दिवाली के बाद सूखा प्रभावित तालुकाओं में जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए राज्यव्यापी दौरा करने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान लागू करने में विफल रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की शुरुआती राहत राशि सीधे जमा की जाएगी। महाराष्ट्र के 358 तालुकाओं में से 305 में सूखा घोषित किया गया है, जो राज्य के कुल तालुकाओं का 85 प्रतिशत है।
ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘पांच हजार रुपये में क्या होगा?’’
उन्होंने सूखे से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय नहीं किए जाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि जल संकट इतना गंभीर है कि कई क्षेत्रों में पीने के पानी तक की बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ठाकरे ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में राज्य को खाद्यान्न और पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है।
मनसे प्रमुख से मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा जारी उस ऑडियो क्लिप के बारे में पूछा गया, जिसमें कथित तौर पर सांसद श्रीकांत शिंदे से जुड़ी 500 करोड़ रुपये के भुगतान की पेशकश से संबंधित बातचीत है। इस पर ठाकरे ने क्लिप के स्रोत और प्रामाणिकता पर सवाल उठाए।
जरांगे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनका आंदोलन समाप्त कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 500 करोड़ रुपये हासिल किए थे।
उन्होंने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और उनके मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई है।
जरांगे ने यह ऑडियो क्लिप उस समय सार्वजनिक की, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें अपने इस आरोप को साबित करने की चुनौती दी थी कि शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लेकर अपने बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से धन पहुंचाया था।
भाषा मनीषा वैभव
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