देहरादून: खराब मौसम के बावजूद शुक्रवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्र देहरादून के रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंचने लगे. कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से बातचीत करेंगे.
कार्यक्रम में पहुंचे छात्र “जब सिस्टम की नीयत पेपर लीक हो, तो छात्रों का भविष्य कमजोर होना तय है” जैसे नारों के साथ अपनी बात रखेंगे.
इससे पहले राहुल गांधी ने दिवंगत कांग्रेस कार्यकर्ता अमर मेहता के देहरादून स्थित घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया. अमर मेहता की गुरुवार देर रात कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान लोहे का कटर गिरने से मौत हो गई थी.
कार्यक्रम से पहले कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि देहरादून का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, कोटा के बाद राहुल गांधी का छात्रों के साथ दूसरा बड़ा संवाद है. उन्होंने कहा कि कोटा में कोचिंग संस्थानों के मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जबकि देहरादून का कार्यक्रम पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रित है.
जयराम रमेश ने कहा कि यह सिर्फ NEET का मामला नहीं है, बल्कि CBSE, CUET और अन्य परीक्षाओं से जुड़े पूरे परीक्षा तंत्र का मुद्दा है. उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जाएंगे.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) विधेयक’ से शिक्षा व्यवस्था का अत्यधिक केंद्रीकरण होगा. उनके मुताबिक राहुल गांधी पहले भी कह चुके हैं कि देश की शिक्षा व्यवस्था तीन बड़ी समस्याओं—निजीकरण, केंद्रीकरण और ‘संघीकरण’—से जूझ रही है, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
राहुल गांधी शुक्रवार को जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कार्यक्रम में शामिल होने देहरादून पहुंचे.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि ‘देवभूमि’ उत्तराखंड को पेपर लीक का केंद्र बना दिया गया है. उन्होंने 2025 की UKSSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा.
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदेश में ऐसा तंत्र बन गया है, जहां पटवारी और लेखपाल जैसी सरकारी नौकरियां योग्यता के बजाय तय कीमत पर दिलाई जा रही हैं.
राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज महा रैली’ अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से की थी. अब यह अभियान उत्तराखंड के देहरादून पहुंचा है. इसका उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाना है.