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Monday, 2 November, 2026
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विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं राहुल गांधी : नितिन नवीन

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भागलपुर, दो नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इस्तेमाल विदेशी ताकतें देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए कर रही हैं।

यहां पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने राहुल पर देश में अराजकता फैलाने के लिए ‘‘विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने’’ का आरोप भी लगाया।

नवीन ने कहा, ‘‘राहुल गांधी का इस्तेमाल भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए विदेशी ताकतों के समर्थन वाले एक टूलकिट के जरिये किया जा रहा है। वह देश में अराजकता फैलाने के लिए विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि हमारा देश संविधान से चलता है।’’

उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की कमी के कारण विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपनी शिकायतें उठाने में ‘नाकाम’ रहे।

नवीन ने कहा, ‘‘बिहार की जनता ने 2025 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष को सजा दी थी। विपक्षी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा था। वे चुनाव हारने पर ही निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिये मतदान कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, जबकि चुनाव जीतने पर नतीजों को स्वीकार कर लेते हैं।’’

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दलों पर बिहार में जनता के जनादेश का अनादर करने और चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

नवीन ने कहा, ‘‘बिहार की लोकतांत्रिक धरती से संदेश स्पष्ट है। अब विपक्ष को निर्णायक रूप से हराने का समय आ गया है।’’

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी तो मतदाता ऐसा जनादेश देंगे कि पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहना मुश्किल हो जाएगा।

भाजपा अध्यक्ष ने 2014 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, आतंकवाद और घोटालों के कारण कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता से बाहर हो गया था।

उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों का राजनीतिक भविष्य ‘खतरे में’ है और आगामी चुनावों में मतदाता उन्हें ‘खारिज’ कर देंगे।

उन्होंने चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं समेत विपक्षी नेताओं की भी आलोचना की।

नवीन ने आरोप लगाया, ‘‘जब बिहार और अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा था, तब कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य विपक्षी दलों के नेता उचित माध्यमों से अपनी चिंताएं उठाने के बजाय गलत सूचनाएं फैलाने में व्यस्त थे। विपक्षी दल इस प्रक्रिया के दौरान शिकायतें दर्ज कराने में नाकाम रहे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी करने लगे।’’

कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि पार्टी ने 2014 की हार से सबक क्यों नहीं सीखा, जिसके बाद उसे 2019 में भी हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि 2019 और 2024 में भाजपा की जीत को जनता का समर्थन हासिल था।

नवीन ने भाजपा की चुनावी सफलता का श्रेय विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पार्टी के ध्यान को देते हुए कहा कि इन प्राथमिकताओं के कारण उसे मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है।

भाषा

कैलाश राजकुमार रवि कांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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