वाराणसी (उप्र), 24 अक्टूबर (भाषा) राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और मिराज-2000 सहित लड़ाकू विमानों ने शनिवार को वाराणसी के नमो घाट पर हवाई करतब दिखाए, जिससे भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के दौरान दर्शक रोमांचित हो उठे।
यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम 22, 24 और 25 अक्टूबर को निर्धारित है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों के लिए मतदान होने के कारण 23 अक्टूबर को शो आयोजित नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रविवार को अंतिम दिन के शो में शामिल होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर को 32 जोन, 50 सेक्टर और 80 उप-सेक्टर में विभाजित किया गया है, तथा लगभग 11,900 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस एयर शो में 100 विमान शामिल हैं, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक हेरिटेज (विरासत) विमान शामिल हैं। चिनूक हेलीकॉप्टर और ‘सूर्य किरण’ एयरोबैटिक टीम के करतब इस शो के मुख्य आकर्षण रहे।
बाइस अक्टूबर को कार्यक्रम के पहले दिन, हवाई करतब देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सूर्य किरण विमानों द्वारा ‘काशी’ की थीम बनायी गई जबकि एमआई 17 हेलीकॉप्टर द्वारा तिरंगा दर्शाया गया और तीनों सशस्त्र बलों के हेलीकॉप्टरों की संयुक्त उड़ान ने भारत की सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित किया।
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की सदस्य, स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना गर्व की बात है।
उन्होंने बताया कि ‘सारंग’ एशिया की एकमात्र ऐसी टीम है जिसमें पांच हेलीकॉप्टर शामिल हैं। यह टीम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर का उपयोग करके अपने करतब दिखाती है।
सिंह ने कहा कि टीम के प्रदर्शन भारतीय वायु सेना के पेशेवर कौशल, आपसी तालमेल और स्वदेशी विमानन प्लेटफॉर्म की क्षमताओं को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि टीम का उद्देश्य केवल हवाई करतब दिखाना ही नहीं, बल्कि युवाओं को सशस्त्र बलों को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करना भी था।
स्क्वाड्रन लीडर गौतम त्यागी ने कहा कि वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर काशी के आसमान में करतब दिखाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने युवाओं से कड़ी मेहनत करने, लक्ष्य तय करने और देश सेवा के लिए प्रेरित रहने का आग्रह किया।
भाषा सं जफर रंजन शफीक
शफीक
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