मुंबई: करीब एक हफ्ते से महाराष्ट्र के पुणे में स्थानीय कार्यकर्ता और निवासी गणेश चतुर्थी के समारोह के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता भी उनके साथ जुड़ गए हैं. इन नेताओं ने भक्तों से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि बुजुर्गों या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने सोमवार को कहा कि वह शुरू से ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ रही हैं. उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि हिंदुत्व को खराब नहीं होना चाहिए और त्योहारों का जश्न अश्लील नहीं होना चाहिए. डीजे पर तेज़ संगीत बजाना, अश्लील गाने चलाना, गंदे इशारे करना—इस तरह त्योहार नहीं मनाए जाने चाहिए.”
कुलकर्णी ने कहा, “कई गणेश मंडल (आयोजक) बहुत श्रद्धा और पवित्रता के साथ त्योहार मनाते हैं. दूसरे लोगों को भी उनका उदाहरण अपनाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि पुणे के कई स्थानीय लोगों ने गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान तेज संगीत और एलईडी के इस्तेमाल से होने वाली परेशानी की शिकायत की है.
BJP सांसद ने मीडिया से कहा, “चाहे त्योहार से पहले के महीनों में प्रैक्टिस के दौरान हो या त्योहार के समय, नागरिकों को इसकी वजह से परेशानी हो रही है. वास्तव में गणेश मंडलों को सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए समाज को जागरूक करने के लिए अपने मंच का इस्तेमाल करना चाहिए.”
पुणे के कोथरुड से BJP विधायक चंद्रकांत पाटिल ने एक दिन पहले भी ऐसी ही अपील की थी. उन्होंने लिखा, “आइए, कानून का सम्मान करते हुए डीजे और लेजर बीम के ज़रूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बचें और गणेशोत्सव को श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाएं. त्योहार की खुशी को बनाए रखते हुए हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो.”
आरोग्यदायी आणि भक्तिमय गणेशोत्सवासाठी पुणेकरांना आवाहन!
गणेशोत्सवाचे पावित्र्य, भक्तिभाव आणि सामाजिक जाणीव जपत नागरिकांच्या आरोग्याची काळजी घेणे आवश्यक आहे. याच भावनेतून पुणेकरांना एका पत्राद्वारे माझे आवाहन केले आहे.
डीजे आणि लेझर बीमचा अतिवापर टाळून कायद्याचा सन्मान राखत,…
— Chandrakant Patil (@ChDadaPatil) August 30, 2026
28 अगस्त को केंद्रीय मंत्री और पुणे से BJP सांसद मुरलीधर मोहोल ने भी गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की मांग का समर्थन किया था.
उन्होंने कहा था, “पुणे में 130 साल पुरानी गणेश उत्सव मनाने की परंपरा है. इसलिए हमें सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए इसे मनाना होगा. यह लोगों का त्योहार है और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों की भागीदारी कैसे बढ़ाई जाए और तेज़ संगीत या ऐसे प्लाज्मा और LED लाइट्स का इस्तेमाल न हो, जो लोगों को नुकसान पहुंचाएं.”
मोहोल नवंबर 2019 से मार्च 2022 तक पुणे के मेयर रहे थे. उन्होंने कहा कि गणेश मंडलों को इस मामले में अदालत की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ढोल-ताशा के इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, क्योंकि गणेश चतुर्थी समारोह में इसका पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता रहा है.
रविवार को पुणे के गुडलुक कैफे चौक के पास सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और 14 सितंबर से शुरू होने वाले 10 दिन के गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “पिछले कुछ सालों से इस्तेमाल हो रहे ये बहुत तेज़ आवाज़ वाले म्यूजिक सिस्टम हमें बीमार कर रहे हैं. गणेश विसर्जन की शोभायात्राओं के दौरान हम दो से तीन दिनों के लिए शहर छोड़ देते हैं. हम डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध चाहते हैं.”
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह विरोध किसी खास धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि जरूरत से ज्यादा शोर और बहुत तेज आवाज वाले स्पीकरों के इस्तेमाल के खिलाफ है. उसने इसे “बर्दाश्त से बाहर” बताया.
प्रदर्शनकारियों को BJP सांसद तेजस्वी सूर्या का भी समर्थन मिला. उन्होंने एक्स पर प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया और लिखा, “यह देखकर हौसला बढ़ता है कि भारत के शहरों में नागरिक साफ हवा, कम शोर और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं. नागरिकों की यह बढ़ती सक्रियता राजनीतिक नेताओं को जीवन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर करेगी.”
Good job, Pune!
It is encouraging to see citizens across India’s cities take to the streets for clean air, less noise and protection of green spaces.
This growing civic activism will push political leaders to make quality of life a priority.
The next 25 years are crucial.… https://t.co/M8VJzINgD0
— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) August 30, 2026
हालांकि, पुणे के कई गणेश मंडल प्रतिनिधियों ने इसे चुनिंदा मुद्दे पर गुस्सा जताना बताया. एक प्रतिनिधि ने पीटीआई से कहा, “मुठा नदी प्रदूषित है, लेकिन यह मुद्दा कौन उठा रहा है? वे सिर्फ गणेश मंडलों को निशाना बनाना चाहते हैं.”
वहीं, कुछ गणेश मंडलों ने प्रतिबंध का समर्थन भी किया है और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करने की बात कही है.
पिछले हफ्ते पुणे नगर निगम में गणेश चतुर्थी की तैयारियों को लेकर हुई एक विशेष बैठक के दौरान नारायण पेठ के रहने वाले विद्यानंद बापट ने गणेश पंडालों में डीजे और लाउडस्पीकर के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था.
बाद में गणेश मंडल के प्रतिनिधियों के साथ तीखी बहस होने के बाद नगर निकाय के अधिकारियों ने बापट को बैठक से बाहर ले जाकर निकाल दिया था.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: नितिन नबीन की टीम में आधे नेता RSS से जुड़े, शाह के बाद BJP के टॉप पदों पर संघ की मौजूदगी घटी